बीजिंग: कोरोना (coronavirus) संकट को लेकर पूरी दुनिया की नाराजगी का सामना कर रहा चीन एक बार फिर कोरोना के खौफ से भयभीत हो गया है. ड्रैगन को डर सता रहा है कि कहीं हेइलोंगजियांग (Heilongjianga) की प्रांतीय राजधानी हार्बिन (Harbin) दूसरा वुहान (Wuhan) न साबित हो जाए. दरअसल, यहां कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं, जिसने चीन की चिंता बढ़ा दी है. हार्बिन रूस की सीमा से लगा हुआ है और रूस से यहां आए कई लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. इसलिए चीनी सरकार ने कड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं. जिसमें अवैध रूप से सीमा पार करने वालों को पकड़ने पर इनाम के साथ-साथ हार्बिन से बाहर के रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक शामिल है.
चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने हाल ही में रूस से लौटे अपने नागरिकों को तुरंत आइसोलेशन में जाने का आदेश दिया था. साथ ही ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है जो गुपचुप तरीके से रूस से चीनी सीमा में दाखिल हुए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनमें से कोई संक्रमित तो नहीं है. वहीं, स्टेट मीडिया का कहना है कि कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव लोगों को हार्बिन में प्रवेश से पहले क्वारंटाइन किया जाएगा और उनकी कोरोना जांच की जाएगी.
हार्बिन में अधिकारियों ने पहले रूस से यहां पहुंचे लोगों को 28 दिनों तक क्वारंटीन में रहने का आदेश दिया था. हेइलोंगजियांग में स्कूलों और विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया है. रिपोर्टों के अनुसार, ऐसे 1,400 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें COVID-19 के लक्षण हैं. यहां पहले कोरोना के 537 से अधिक मामले सामने आए थे, जबकि चीन में यह संख्या 82,788 थी और 4,632 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. ज्यादातर मौतें वुहान के हुबेई प्रांत में हुई थीं.
जानकारी के अनुसार, बुधवार को देशभर में जिन सात नए मामलों की सूचना दी गई है, वे सभी हेइलोंगजियांग क्षेत्र के हैं. रूस से आने वाले चीनियों की बढ़ती तादात को देखते हुए अधिकारियों ने सीमावर्ती शहर सुइफेन्हे (Suifenhe) को बंद कर दिया है.

