वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अमेरिकी आईटी कंपनियों को भारतीय कंपनियों को काम आउटसोर्स करने से रोकने पर विचार कर रहा है। यह दावा अमेरिकी दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट और ट्रंप की समर्थक लॉरा लूमर ने किया है।
लूमर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “इसका मतलब है कि अब आपको अंग्रेजी के लिए ‘2’ दबाने की जरूरत नहीं है। कॉल सेंटरों को फिर से अमेरिकी बनाएं।” इस बयान का सीधा मतलब है कि अगर यह फैसला लागू होता है तो भारतीय आउटसोर्सिंग कंपनियों, खासकर कॉल सेंटरों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।
इससे पहले भी, ट्रंप भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कर चुके हैं। अब यह नया कदम अगर उठाया जाता है तो यह भारतीय आईटी और आउटसोर्सिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। यह फैसला अमेरिकी नौकरियों को वापस लाने की ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति का हिस्सा माना जा रहा है।