येरेवन/बाकू: अर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) युद्धविराम की घोषणा के चंद मिनट बाद ही फिर आमने-सामने आ गए हैं. अजरबैजान ने अर्मेनिया पर युद्ध भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके गांवों पर मिसाइलें दागी गई हैं. इस बीच, अर्मेनिया ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि अजरबैजान उस पर हमले के लिए भाड़े के सैनिकों और आतंकियों की मदद ले रहा है.
मालूम हो कि ऐसी खबरें आई आई थीं कि मुस्लिम देश अजरबैजान की मदद के लिए पाकिस्तान और तुर्की आतंकी भेज रहे हैं. ये आतंकवादी गृहयुद्ध से प्रभावित सीरिया और लीबिया से विवादित क्षेत्र नागोर्नो-काराबाख भेजे जा रहे हैं. कुछ आतंकवादी 22 सितंबर और उसके बाद तुर्की के रास्ते अजरबैजान की राजधानी बाकू पहुंचे थे. अब अर्मेनिया ने बाकायदा वीडियो जारी करके उन खबरों को सही करार दिया है.
We subjected the video to a detailed examination. It is particularly clear that most of the mercenaries were wearing #Azerbaijan/i border guard uniforms. There are vehicles from the Azerbaijani army and pickup trucks earlier taken by Azerbaijani Government from the citizens pic.twitter.com/m2Y1C6Rx3M
— Armenian Unified Infocenter (@ArmenianUnified) October 11, 2020
बॉर्डर गार्ड्स की यूनिफॉर्म में आतंकी
अर्मेनियाई सरकार द्वारा जारी वीडियो में बताया गया है कि अजरबैजान के बॉर्डर गार्ड्स की यूनिफॉर्म में आतंकवादी भेजे जा रहे हैं, जो अजरबैजान की गाड़ियों और पिक-अप ट्रक का इस्तेमाल कर रहे हैं. अर्मेनिया ने दावा किया है कि ये पिक-अप ट्रक अजरबैजान की सरकार ने नागरिकों से लिए थे. अर्मेनिया के इस खुलासे से न केवल दोनों देशों बल्कि विश्व स्तर पर भी तनाव बढ़ सकता है.
आतंकियों को सैलरी दे रहा तुर्की?
कुछ दिन पहले आईं खबरों में कहा गया था कि हथियारों से लैस आतंकवादियों को नागोर्नो-काराबाख भेजा जा रहा है. इनकी तादाद करीब एक हजार है और सभी अल हमजा ब्रिगेड के आतंकवादी हैं. तुर्की के साथ पाकिस्तान की ISI भी इस साजिश में शामिल है. खबरों के मुताबिक, तुर्की इन आतंकवादियों को 1500 से 2000 डॉलर बतौर सैलरी भुगतान भी कर रहा है.
संघर्ष विराम बेमानी
रूस की कोशिशों के चलते अर्मेनिया और अजरबैजान युद्ध बंद करने पर सहमत हुए थे, लेकिन दोनों चंद मिनट बाद ही इससे पीछे हट गए हैं. दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर युद्धविराम संधि की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. अर्मेनियाई रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अजरबैजान की तरफ से एक बस्ती पर हमला किया गया है. इतना ही नहीं उसका यह भी कहना है कि संधि होने के दो मिनट बाद ही अजेरी बलों ने आक्रामक रुख अपना लिया था. दूसरी तरफ अजरबैजान ने कहा है कि अर्मेनिया की सेना हमारे क्षेत्रों में लगातार गोलाबारी कर रही है. इस गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई है.
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