ARMENIA ON PAKISTANI FIGHTERS ON GROUND AMID CLASHES

येरेवन: अर्मेनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के बीच संघर्ष में पाकिस्तान (Pakistan) की भूमिका सामने आ रही है. अर्मेनिया ने कहा है कि अजरबैजान में सक्रिय ‘भाड़े’ के सैनिकों में पाकिस्तानी भी हो सकते हैं. अर्मेनिया के उप विदेश मंत्री एवेट एडोन्स (Armenia Deputy Foreign Minister Avet Adonts) ने इस बाबत अंदेशा जताया है.

एवेट एडोन्स ने कहा कि हमें याद है जब 1990 में नागोर्नो कराबाख में युद्ध छिड़ा था तब पाकिस्तानी शामिल थे. उन्होंने तुर्की पर अजरबैजान में जिहादी भेजने का आरोप लगाया है. इस बीच नागोर्नो काराबाख क्षेत्र को लेकर पिछले कुछ दिनों में अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच झड़प तेज हो गई है. कई लोगों की जान चली गई है. भय का माहौल है.

तुर्की भड़का रहा युद्ध
अर्मेनिया-अजरबैजान की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए एवेट एडोन्स ने कहा कि तुर्की द्वारा समर्थित अजरबैजान की तानाशाही बढ़ती जा रही है. तुर्की ने ही युद्ध को बढ़ावा दिया है. 27 सितंबर को सुबह 6 से 7 बजे के बीच तुर्की अजरबैजान ने साथ मिलकर अपने सैन्य उपकरणों, हवाई जहाज, तोपखानों के साथ नागोर्नो कराबाख पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए. इसके बाद आबादी क्षेत्रों में हमले करने लगे. इन हमलों में कई लोगों की जान चली गई. नागोर्नो कराबाख का सैन्य अभियान यहां के लोगों की रक्षा कर रहा है. इनमें अर्मेनियाई मूल के लगभग 150,000 लोग हैं, जो वहां रहते हैं. लेकिन तुर्की ने बड़े पैमाने पर युद्ध को बढ़ावा दिया है. बीते दिन अर्मेनिया का हवाई जहाज निशाना बनाया गया. अर्मेनिया की राजधानी के पास अजरबैजान के ड्रोन देखे जा चुके हैं. लगातार युद्ध को और भड़काने के प्रयास हो रहे हैं.

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यह थोपा हुआ युद्ध
वैश्विक समर्थन पर एवेट एडोन्स (Avet Adonts) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अच्छी तरह से वाकिफ है कि यह जबरदस्ती थोपा हुआ युद्धा है. तुर्की ने योजनाबद्ध तरीके से ऐसा किया है. इसके बेहद स्पष्ट दस्तावेजी प्रमाण भी हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार सैन्य अभियान को रोकने के लिए कह रहा है लेकिन सभी को अजरबैजान और तुर्की को समझाना चाहिए. उन्होंने कहा कि तुर्की सैन्य ऑपरेशन में शामिल है इसलिए बार-बार तुर्की का नाम लिया जा रहा है.
 
तुर्की भेज रहा जिहादी

उन्होंने कहा कि कई दिनों से मीडिया सवाल उठा रहा है कि क्या तुर्की युद्ध में जिहादियों को भेज रहा है, यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि तुर्की ऐसा कर रहा है. वह न केवल जिहादियों को भेज रहा है बल्कि सीरिया के उत्तरी भाग के भाड़े के सैनिक भी भेजे जा रहे हैं. ये यहां नागोर्नो कराबाख के लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए आए हैं.

भारत से उम्मीद
भारत के नजरिए की सराहना करते हुए एवेट एडोन्स ने कहा कि भारत के सहयोग को हम महत्व देते हैं. भारत न केवल हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में बल्कि अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में भी महत्वपूर्ण साथी है. यह भारत के साथ संयुक्त रूप से लागू होने वाली मित्रता और सहयोग की संधि के अनुरूप है. उन्होंने कहा कि OSCE मिन्स्क समूह- रूस, अमेरिका, फ्रांस, पुतिन, ट्रंप, मैक्रोन द्वारा संयुक्त बयान में सैन्य अभियान को रोकने का आह्वान किया है लेकिन इससे इतर इस मामले में तीसरी पार्टी भी शामिल है और वह तीसरी पार्टी है तुर्की.

पाकिस्तान की संलिप्तता
युद्ध में पाकिस्तान का हाथ होने के सवाल पर एवेट एडोन्स ने कहा कि अजरबैजान के विकास में तुर्की और पाकिस्तान साथ रहे हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी लड़ाके इस लड़ाई में तुर्की के माध्यम से अजरबैजान पहुंच रहे हैं. यह बात बहुत जल्द ही सिद्ध हो जाएगी.




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