
लद्दाख से चीन के पीछे हटने के विदेश मंत्री के बयान पर ओवैसी ने पूछे सवाल. (फाइल फोटो)
लद्दाख में चीनी सेना के आखिरकार पीछे हटने की खबर पर लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोमवार को ट्विटर पर एक ट्वीट करते हुए कई सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि चीन के ‘de-escalation’ प्रक्रिया शुरू करने का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि ‘जब कोई घुसा नहीं तो वापस कैसे जा रहे हैं?’ उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के एक बयान को लेकर तीन सवाल उठाए.
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बता दें कि न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को जानकारी दी थी कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीनी स्टेट काउंसिलर वांग यी से फोन पर बातचीत की और दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए आपसी सहमति से दोनों देशों के जवानों को LAC से वापिस बुलाए जाने और भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के बीच डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के जरिए शांति कायम करने को लेकर बातचीत की गई.
Therefore, they agreed that it was necessary to ensure at the earliest complete disengagement of troops along LAC & de-escalation from India-China border areas for full restoration of peace and tranquillity: Ministry of External Affairs
— ANI (@ANI) July 6, 2020
उनके इस बयान पर ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘मेरे तीन सवाल हैं…
1. क्या ‘de-escalation’ का मतलब यह है कि ‘चीन जो चाहता है उसे करने दिया जाए?’
2. प्रधानमंत्री के मुताबिक, ‘न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है’ तो फिर डि-एस्केलेशन किस बात का?
3. हम चीन पर भरोसा क्यों कर रहे हैं, उसने तो डि-एस्केलेशन को लेकर 6 जून को भी सहमति जताई थी?
I’ve 3 queries:
1 By ANY chance does “de-escalation” mean “Let China do what it wants?”
2 According to @PMOIndia “na koi ghusa hai, na koi ghusa hua hai”, then why “de-escalation”?
3 Why’re we trusting China when it’s betrayed June 6 agreement, which also promised “de-esclation”? https://t.co/AgG4dFoDB0
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) July 6, 2020
बता दें कि सोमवार को खबर आई थी कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाएं पीछे हट रही हैं. सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि चीन ने अपने सैनिकों को गलवान नदी घाटी में कम से कम एक किलोमीटर पीछे किया है. चीनी सेना के 15 जून को एलएसी पर झड़प वाली जगह से पेट्रोल पॉइंट 14 से 1.5 से 2 किलोमीटर पीछे हटने की खबर है. सूत्रों ने यह भी जानकारी दी थी कि भारतीय जवान भी पीछे आ गए हैं और दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच एक बफर ज़ोन बना दिया गया है.
Video:क्या चीन के साथ अजीत डोभाल से बातचीत के बाद पीछे हटी चीनी सेना?

