नई दिल्ली: भारत ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के मंच से अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban) और अन्य आतंकी संगठनों द्वारा की जा रही हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए तुरंत कदम उठाए जाने की बात कही है. भारत ने कहा है कि शांतिवार्ता के बीच भी अफगानिस्तान (Afghanistan) में हिंसा जारी है. तालिबान और अन्य संगठन आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. लिहाजा इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. बता दें कि अफगानिस्तान में पिछले कुछ दिनों में हिंसा के मामलों में तेजी आई है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए भारत के उप-स्थायी प्रतिनिधि के. नागराज नायडू (K. Nagaraj Naidu) ने कहा कि तालिबान (Taliban) और अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा की जा रही हिंसा के चलते अफगानिस्तान (Afghanistan) की सुरक्षा और स्थिरता एक बार फिर खतरे में पड़ गई है, जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया और हिंसा साथ-साथ नहीं चल सकती. हमें तत्काल और व्यापक संघर्ष विराम के रास्ते तलाशने होंगे.
शांति के लिए हुए Agreements
अफगानिस्तान में शांति बहाली को लेकर इस साल कुछ प्रमुख कदम उठाये गए हैं. जिसमें तालिबान-अमेरिका के बीच समझौता और तालिबान एवं अफगान सरकार के बीच वार्ता की शुरुआत शामिल है. साल की शुरुआत में अमेरिका और तालिबान के प्रतिनिधियों ने कतर की राजधानी दोहा में समझौता किया था. जिसके तहत अमेरिका अफगानिस्तान से अपनी सेना हटाने पर सहमत हुआ. हालांकि, अमेरिकी सेना के हटने की खबर से पाकिस्तान बेहद उत्साहित है, वो इसे अफगानिस्तान में हिंसक गतिविधियों को तेज करने के मौके के रूप में देख रहा है.
Pakistan पर साधा निशाना
नायडू ने अपने भाषण में पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अफगानिस्तान को पूरे ट्रांजिट अधिकार नहीं मिलने की वजह से भारत के साथ उसका व्यापार बाधित हो रहा है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफगानिस्तान पर लगाए गए Artificial Transit Barriers हटाने की दिशा में काम करना चाहिए और द्विपक्षीय और बहुपक्षीय पारगमन समझौतों के तहत अफगानिस्तान को सभी पारगमन अधिकार प्रदान किये जाने चाहिए.
करीब आ रहे दोनों देश
तालिबान की पकड़ ढीली पड़ने के बाद से भारत ने अफगानिस्तान के विकास के लिए कई कदम उठाये हैं. दोनों देशों ने हाल ही में काबुल के पास शहतूत डैम के निर्माण के लिए एक समझौता किया. इस बांध की मदद से राजधानी के लोगों को साफ और स्वच्छ जल प्रदान किया जा सकेगा. इसके अलावा, नई दिल्ली, अफगानिस्तान में हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के अगला चरण भी जल्द शुरू करेगी. इसमें 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लगभग 150 प्रोजेक्ट शामिल हैं.

