नई दिल्ली: बीजिंग ने अपने छात्रों और पर्यटकों को ऑस्ट्रेलिया (Australia) की यात्रा करने से मना कर दिया है. इस बात से खफा ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार खतरों से कभी भयभीत नहीं होगी.
चीन ने हाल के दिनों में नस्लवादी घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए देशवासियों को ऑस्ट्रेलिया में यात्रा करने से बचने की सलाह दी थी. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने गुरुवार को बीजिंग के आरोपों को खारिज कर दिया, उन्हें बकवास बताया है. मॉरिसन ने एक रेडियो इंटरव्यू में कहा, ‘यह एक हास्यास्पद दावा है और इसे अस्वीकार कर दिया गया है. हमारा चीन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक संबंध है और मैं इसे जारी रखना चाहता हूं.’
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हालांकि, उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ‘धमकियों से कभी नहीं डरेगी’. न्यू साउथ वेल्स के भेदभाव-विरोधी आयोग के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी के दौरान एशियाई लोगों के साथ नस्लवाद बढ़ गया है. आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया का चीन सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनरशिप है. चीन की ओर से जारी छात्रों के लिए एडवाइजरी ऑस्ट्रेलिया को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि देश का चौथा सबसे बड़ा निर्यात शिक्षा से ही होता है. बीते साल शिक्षा से ऑस्ट्रेलिया को 37 बिलियन डॉलर की कमाई हुई थी.

