bar bar peshab aane ka ramban ilaj: बार-बार पेशाब आने से छुटकारा पाने के लिए करें ये घरेलू उपाय – home remedies for frequent urination in hindi

Edited By Parul Rohatagi | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

NBT

कई लोगों को बार-बार पेशाब आने की शिकायत रहती है। इस वजह से वो किसी लंबे टूर पर भी नहीं जा पाते हैं। वहीं ऑफिस दूर होने पर घर पहुंचने तक पेशाब को रोक पाना भी इन लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। अगर आप भी बार-बार पेशाब आने की समस्‍या से परेशान हैं तो आपको बता दें कि बार-बार पेशाब आने के घरेलू उपाय आपको राहत दिला सकते हैं।

बार-बार पेशाब आने के कारण

बहुत ज्‍यादा शराब या कैफीन के सेवन, किडनी प्रॉब्‍लम, मूत्राशय में समस्‍या, डायबिटीज मेलिटस, प्रेग्‍नेंसी, चिंता, मूत्रवर्द्धक दवाओं, स्‍ट्रोक, मस्तिष्‍क या तंत्रिका तंत्र से संबंधित स्थितियां, मूत्र मार्ग में संक्रमण, पेल्विक हिस्‍से में ट्यूमर, ओवरएक्टिव ब्‍लैडर सिंड्रोम, मूत्राशय कैंसर, किडनी या मूत्राशय में पथरी, पेशाब न रोक पाना, पेल्विक हिस्‍से में रेडिएशन जैसी ट्रीटमेंट लेना और क्‍लैमेडिया जैसे यौन संक्रमित रोग की वजह से बार-बार पेशाब आ सकता है।

​पेशाब में जलन दर्द क्यों होता है

  • पेशाब करते समय दर्द और जलन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मूत्रमार्ग में संक्रमण (यूटीआई), किसी दवा के सेवन के कारण (जैसे कीमोथेरेपी की दवा), ओवरी में सिस्‍ट या गुर्दे में पथरी, योनि में संक्रमण, किसी केमिकल, यौन रूप से संक्रामित संक्रमण, पेल्विक हिस्‍से में रेडिएशन थेरेपी लेने, यूरीनरी कैथेटर।

  • पानी की कमी और प्रोस्‍टेट ग्रंथि में संक्रमण के कारण भी पेशाब में दर्द हो सकता है लेकिन पेशाब में दर्द और जलन के घरेलू उपचार की मदद से इस समस्‍या से निजात पाई जा सकती है। कुछ घरेलू नुस्‍खे डिस्‍युरिया से छुटकारा दिलाने में असरकारी होते हैं। आइए जानते हैं पेशाब में दर्द के उपाय के बारे में।यह भी पढें: रात में बार-बार यूरिन आता है तो Prostate Health पर ध्यान दें

  • पेशाब करने के दौरान जलन या दर्द की समस्‍या को दूर करने के लिए एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें एक नींबू निचोड़ने के बाद एक चम्‍मच शहद डालकर मिक्‍स कर लें। इस पानी को रोज खाली पेट पीने से राहत मिलेगी।

  • आप रोज सुबह एक कप खीरे के जूस में एक चम्‍मच शहद और एक नींबू का रस डालकर पीएं। ये मिश्रण आपको दिन में दो बार पीना है और दिनभर में दो से तीन खीरे खाना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।यह भी पढें: इन तरीकों से बच्चे को बिस्तर में पेशाब करने से रोकें

  • सेब के सिरके का जो घरेलू नुस्‍खा हम आपको बता रहे हैं आपको उसका इस्‍तेमाल दिन में दो बार करना है। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्‍मच सेब का सिरका और एक चम्‍मच शहद डालकर पी लें। सेब के सिरके में बैक्‍टीरिया-रोधी और फंगल-रोधी गुण होते हैं जो के पेशाब की जलन को दूर करने में मदद करते हैं।यह भी पढें: इन ड्रिंक्स का सेवन करने से मिलती है यूरिन इंफेक्शन में राहत

  • जैसा कि हमने पहले भी बताया कि पानी की कमी के कारण डिस्‍युरिया की प्रॉब्‍लम हो जाती है इसलिए दिनभर में खूब पानी पीएं। पानी पीने से शरीर से बैक्‍टीरिया और विषाक्‍त पदार्थ अपने आप निकल जाते हैं। पानी से युक्‍त फल और सब्जियों का सेवन भी फायदेमंद रहता है।

  • दही के सेवन से शरीर से खराब बैक्‍टीरिया निकल जाता है और स्‍वस्‍थ बैक्‍टीरिया बनता है। रोज एक या दो कटोरी दही खाएं। महिलाएं टैम्‍पोन को दही में डुबोकर एक से दो घंटे के लिए योनि में लगाकर रखें। आपको ऐसा दिन में दो बार करना है।

  • पेशाब करने पर जलन हो तो रोज नारियल पानी का सेवन करें। महिलाएं अपने निजी अंगों को साफ रखें। कैफीन और ज्‍यादा मसालेदार खाना न खाएं। विटामिन सी युक्‍त पदार्थों का सेवन ज्‍यादा करें और शराब एवं धूम्रपान से दूर रहें। पेशाब को ज्‍यादा देर तक रोक कर न रखें।

बार-बार पेशाब आने के लक्षण

पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब में खून या अजीब रंग आना, पेशाब न रोक पाना या मूत्राशय का धीरे-धीरे कमजोर होना, पेशाब करने की इच्‍छा होना लेकिन पेशाब करने में दिक्‍कत आना, वजाइना या पेनिस से डिस्‍चार्ज होना, प्‍यास और भूख बढ़ना, बुखार, ठंड लगना, उल्‍टी, मतली और पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

बार बार पेशाब आने का घरेलू उपचार है बेकिंग सोड़ा

ये एलकेलाइन होता है जो बार-बार पेशाब आने के लक्षणों को कम करता है और जिन स्थितियों के कारण ये समस्‍या होती है, उन्‍हें भी ठीक करता है। एक गिलास पानी में आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा डालकर पी लें। दिन में एक बार इस पानी को पीने से फायदा होगा।

सेक्स के बाद स्पर्म लीक क्यों होता है?

  • सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्पर्म कैसे काम करता है। हर स्खलन में 20 से 400 लाख तक स्पर्म मौजूद रहते हैं। स्खलन के तुरंत बाद 35 प्रतिशत स्पर्म सीमेन से अलग होकर गर्भाशय ग्रीवा में चले जाते हैं। स्पर्म प्रजनन मार्ग से होते हुए एक मिनट के अंदर फैलोपियन ट्यूब में चले जाते हैं। इनमें से कुछ स्पर्म योनि के पोस्टिरियर फोरनिक्स में रह जाते हैं जबकि कुछ स्पर्म नष्ट हो जाते हैं।बाकी बचे स्पर्म प्रोटीन और विटामिन युक्त तरल पदार्थों के साथ योनि से बाहर निकल जाते हैं। यदि सेक्स के बाद योनि से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ बाहर निकलता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सीमेन का सिर्फ 10 प्रतिशत ही स्पर्म होता है। जब तक आप पेशाब के लिए उठती हैं तब तक स्पर्म गर्भाशय ग्रीवा में प्रवेश कर चुका होता है।

  • अच्छी बात यह है कि सेक्स के बाद पेशाब करने से गर्भधारण की संभावना पर कोई असर नहीं पड़ता है। यदि आप UTI से पीड़ित हैं तो सेक्स के बाद पेशाब करें। और यदि नहीं, तो सीमेन का आनंद लें। दोनों ही तरह से प्रेग्नेंसी की संभावना बराबर होती है।

  • सेक्स के बाद बाथरूम न जाने पर भी कई बार स्पर्म योनि से बाहर गिरने लगता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इससे भी प्रेग्नेंसी की संभावना पर असर नहीं पड़ता है। सेक्स के बाद स्पर्म को योनि के अंदर रखने के लिए आपको लेटने, पैरों को ऊपर उठाने या कोई खास चीज करने की आवश्यकता नहीं है।

  • अक्सर महिलाएं इस भ्रम में रहती हैं कि इंटरकोर्स के बाद बिस्तर पर लेटे रहने या पैरों को ऊपर उठाने से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन शोध में यह पूरी तरह गलत साबित हो चुका है।

  • ज्यादातर महिलाएं सोचती हैं कि ऑर्गेज्म से स्पर्म योनि के अंदर चला जाता है जिससे प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म होना एक अच्छी चीज है लेकिन इससे फर्टिलिटी नहीं बढ़ती और ना ही प्रेग्नेंसी में इसकी विशेष भूमिका होती है।Also read: मोटापा, डायट और स्ट्रेस है रियल स्पर्म किलर जिससे पुरुषों में होती है इन्फर्टिलिटीइससे यह साबित होता है कि सेक्स के तुरंत बाद बाथरूम जाने के बाद भी प्रेग्नेंसी की संभावना उतनी ही रहती है। हालांकि, इंफेक्शन से बचने के लिए इंटरकोर्स के बाद पेशाब करना चाहिए।

बार बार पेशाब आने का घरेलू उपाय है दही

दही में प्रोबायोटिक होते हैं जो मूत्र मार्ग में संक्रमण यानी यूटीआई की वजह से बार-बार पेशाब आने की समस्‍या को दूर करने में मदद करते हैं। दिन में एक बार एक छोटी कटोरी खाने से आपको इस दिक्‍कत से निजात पाने में मदद मिलेगी।

बार बार पेशाब आने का घरेलू नुस्खा है तुलसी

तुलसी एंटीऑक्‍सीडेंट की तरह काम करती है और शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को भी बाहर निकालती है। इसके एंटीमाइक्रोबियल गुण यूटीआई के इलाज में मददगार होते हैं। आपको बता दें कि यूटीआई बार-बार पेशाब आने का प्रमुख कारण होता है। 5 से 7 तुलसी की पत्तियां लें और उन्‍हें पीसकर रस निकाल लें। अब इस रस में दो चम्‍मच शहद मिलाकर पी लें। रोज सुबह खाली पेट ये उपाय करने से लाभ होगा।

​अपेंडिक्स की घरेलू दवा है अरंडी का तेल

  • अरंडी के तेल में रिसिनोलिक एसिड होता है जिसमें दर्द निवारक और सूजन-रोधी गुण होते हैं। एक मुलायम कपड़ा लें और उसे दो चम्‍मच अरंडी के तेल में डुबोकर कुछ मिनटों के लिए प्रभावित हिस्‍से पर लगाएं। दिन में दो बार ऐसा करें।यह भी पढें : पैरों में सूजन से छुटकारा पाने के घरेलू तरीके

  • इसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। एक गिलास गर्म पानी में एप्‍पल साइडर विनेगर डालकर घूंट-घूंट कर के पिएं। दर्द से छुटकारा पाने के लिए रोज इसका सेवन करने से लाभ होगा।यह भी पढें : गर्मी में Hiccups से मुक्ति पाने के सॉलिड उपाय

  • छाछ पाचन में सुधार कर किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने के लिए प्रोबायेटिक बनाती है। दिन में एक बार एक लीटर छाछ जरूर पिएं। आप छाछ में जीरा, अदरक, पुदीना भी मिलाकर पी सकते हैं।यह भी पढें : इम्‍युनिटी बढ़ाने का रामबाण उपाय है ये आयुर्वेदिक औषधि

  • इसमें एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं। ये पाचन तंत्र को आराम देता है और अपेंडिसाइटिस के दर्द को कम करता है। ए‍क गिलास पानी में एक चम्‍मच बेकिंग सोडा मिलाकर तुरंत पी लें। जब भी दर्द हो इसका सेवन करें।यह भी पढें : लू और लूज मोशन से बचने के घरेलू तरीके

  • लहसुन में सूजन-रोधी और माइक्रोबियल-रोधी गुण होते हैं। इसके सूजन-रोधी गुण दर्द को कम कर सकते हैं जबकि माइक्रोबियल-रोधी तत्‍व हानिकारक बैक्‍टीरिया, फंगस, वायरस और परजीवियों को खत्‍म कर सकते हैं। लहसुन की एक-दो कलियां लें और उन्‍हें कूटकर पानी के साथ निगल लें।यह भी पढें : दिमाग के लिए टॉनिक का काम करती है शंखपुष्‍पी

  • ग्रीन टी में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री गुण होते हैं। इससे काफी हद तक दर्द से राहत मिल सकती है। एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी का एग बैग डालें और कुछ मिनट बाद स्‍वदानुसार शहद डालकर मिक्‍स कर लें। गर्म ही इस चाय का सेवन करें। दिन में दो बार इसका सेवन करें।

बार-बार पेशाब आने का घरेलू इलाज है ग्रीन टी

ग्रीन टी भी आपको इस परेशानी से राहत दिला सकती है क्‍योंकि इसमें माइक्रोबियल-रोधी गुण होते हैं। एक कप गर्म पानी में 5 से 7 मिनट के लिए एक चम्‍मच ग्रीन टी डालकर रखें। इसमें स्‍वादानुसार शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।

ये चीजें न खाएं

जिन लोगों को बार-बार पेशाब आने की समस्‍या है वो कार्बोनेटेड ड्रिंक्‍स, शराब, कॉफी, चाय, चॉकलेट, खट्टे फल, मसालेदार चीजों, टमाटर, चीनी, कच्‍ची प्‍याज आदि का सेवन न करें।

अगर आपको बार-बार पेशाब आने की समस्‍या हो रही है तो उपरोक्‍त बताए गए घरेलू उपचार अपनाएं। यदि घरेलू नुस्‍खों से भी राहत नहीं मिल पा रही है तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं और सही उपचार लें।


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here