जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने यह भी ऐलान किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्रूज संचालन से जुड़ी एक विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार की जाएगी, ताकि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।घटना के दौरान राहत और बचाव कार्य में तेजी इसलिए भी संभव हो पाई क्योंकि पास ही जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तत्काल संसाधन और मदद उपलब्ध हो सकी। बचाव कार्य में जुटे सभी कर्मियों और सहयोगियों के साहस और तत्परता की सराहना करते हुए सरकार ने प्रत्येक को 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है।इसके साथ ही, बचाव अभियान में शामिल वीर जवानों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया है।राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) और सेना के गोताखोरों ने मिलकर कई लोगों की जान बचाई, जिसके लिए उनकी बहादुरी और समर्पण की व्यापक सराहना की जा रही है।


