Belarusian opposition politician Tsikhanouskaya says she is ready to lead nation | बेलारूस में विपक्ष की नेता स्वेतलाना ने वीडियो जारी कर दी लुकाशेंको को चुनौती

बेलारूस: विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्सना का कहना है कि वो देश की अगुवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार  हैं. इसके साथ ही उन्होंने एक कानूनी तंत्र बनाने की मांग की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नया और निष्पक्ष राष्ट्रपति चुनाव हो सके.

लिथुआनिया से वीडियो के जरिए संबोधन में स्वेतलाना ने सुरक्षा और कानूनों के अनुपालन में जुटे अधिकारियों से प्रेसीडेंट अलेक्जेंडर लुकाशेंको की सरकार के पक्ष से हटने की बात कही और साथ ही कहा कि अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके पुराने व्यवहार को माफ कर दिया जाएगा.

स्वेतलाना का वीडियो उस अभूतपूर्व प्रदर्शन के अगले दिन सामने आया है जो लंबे समय से बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको के धोखाधड़ी से फिर चुनाव में जीत जाने के एक हफ्ते बाद बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में आयोजित किया गया था, जिसमें लाखों की भीड़ ‘स्टेप डाउन’ के नारे लगा रही थी, और अब तक इतना बड़ा प्रदर्शन राजधानी में कभी भी आयोजित नहीं हुआ था.

स्वेतलाना ने कहा, ‘मैं इस वक्त एक राष्ट्रीय नेता के रूप में काम करने और जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं  और कहा कि एक हफ्ते में हुए विरोध प्रदर्शनों से उत्पन्न गति को अधिकतम करने के लिए ये जरूरी था. पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका स्वेतलाना, लुकाशेंको के खिलाफ विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा बन गई हैं. वह लुकाशेंको के 26 साल के राज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. लुकाशेंको अपने खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की लहर रोकने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं.’

स्वेतलाना पिछले हफ्ते बचकर विदेश निकल गईं और उन्होंने बताया कि ऐसा उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए किया है, लेकिन फौरन ही उन्होंने वहां से सरकार विरोधी प्रदर्शनों को जारी रखने के लिए वीडियो जारी करने शुरू कर दिए. 

ये असंतोष और गुस्से की लहर समाज के उन वर्गों में भी फैलनी शुरू हो गई, जो अब तक प्रेसीडेंट के प्रति वफादार समझे जाते थे. इसके बाद बड़ी फैक्ट्रियों में मजदूरों ने हड़ताल करनी शुरू कर दी, पुलिस कर्मी, स्टेट मीडिया के पत्रकार और यहां तक कि राजदूतों ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आना शुरू कर दिया.

लुकाशेंको के प्रतिद्वं​द्वियों का कहना है कि 9 अगस्त के राष्ट्रपति चुनावों में उन्होंने धांधली की है, ताकि वो छठी बार भी सत्ता में आ सकें. उन्होंने उन आधिकारिक नतीजों का हवाला देते हुए हारने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें 80 फीसदी वोट मिले हैं.

दूसरी तरफ क्रेमलिन की तरफ से बयान आया है कि रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने लुकाशेंको को मदद का वादा किया था. बेलारूस एक सामूहिक सैन्य समझौते में है, जिसके मुताबिक अगर जरूरत हो या फिर देश में कई बाहरी दवाब पड़ रहा हो तो, मदद की जाएगी. हालांकि इसमें ये नहीं बताया गया कि ये बाहरी दवाब कहां से है.

रूस बेलारूस में घट रहे हर घटनाक्रम को बारीकी से देख रहा है, क्योंकि बेलारूस की पाइपलाइंस रूसी ऊर्जा को पश्चिम में निर्यात के लिए ले जाती हैं. मास्को बेलारूस को नाटो के खिलाफ एक बफर जोन की तरह इस्तेमाल करता है.

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