
राजद नेता तेजस्वी यादव. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
बिहार की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार ने नया नियम बनाया है कि अगर किसी ने भी विरोध प्रदर्शन किया या सड़क जाम की तो उसे सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी. सरकार की तरफ से जारी आदेश में सड़क जाम करने वालों को सरकारी नौकरी और सरकारी ठेके से वंचित रखने का प्रावधान किया गया है. सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे नीतीश कुमार कहते है अगर किसी ने सत्ता व्यवस्था के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी. मतलब नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे. बेचारे 40 सीट के मुख्यमंत्री कितने डर रहे है?’
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बता दें, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इससे पहले सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने पर कार्रवाई का फरमान जारी किया था. उस फरमान की भी काफी आलोचना हुई थी.
मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे नीतीश कुमार कहते है अगर किसी ने सत्ता व्यवस्था के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी. मतलब नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे
बेचारे 40सीट के मुख्यमंत्री कितने डर रहे है? pic.twitter.com/h0TDkuR5vP
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 2, 2021
नीतीश सरकार का तुगलकी फरमान- विरोध प्रदर्शन या सड़क जाम किया तो नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी
वहीं, तेजस्वी यादव के ट्वीट को उनकी पार्टी राजद के ट्विटर हैंडल से रिट्वीट करते हुए लिखा गया है, ‘तानाशाही CM नीतीश कुमार को को बिहार में सजग, जागरूक और मुखर नागरिक नहीं चाहिए, सिर्फ गुलाम कठपुतली चाहिए! न्यायालय को ऐसे मूल अधिकारों पर कुठाराघात करने वाले निर्देशों का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए!’
तानाशाही CM @NitishKumar को बिहार में सजग, जागरूक और मुखर नागरिक नहीं चाहिए, सिर्फ गुलाम कठपुतली चाहिए!
न्यायालय को ऐसे मूल अधिकारों पर कुठाराघात करने वाले निर्देशों का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए! https://t.co/CXcAKO9256
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) February 2, 2021
सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर “सरकारी फरमान” पर बिफरे तेजस्वी, CM को दी चुनौती- करो गिरफ्तार
बता दें, बिहार सरकार की ओर से जारी फरमान में कहा गया है, ‘ यदि कोई व्यक्ति विधि-व्यवस्था की स्थिति,विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम इत्यादि मामलों में संलिप्त होकर किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होता है और उसे इस कार्य के लिए पुलिस के द्वारा आरोप पत्रित किया जाता है तो उनके संबंध में चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन में विशिष्ट एवं स्पष्ट रूप से प्रविष्टि की जाय. ऐसे व्यक्तियों को गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि उनमें सरकारी नौकरी/सरकारी ठेके आदि नहीं मिल पायेंगे.’
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