Bird flu is transmitted to humans for the first time leaving seven Russian chicken factory workers infected with H5N8 | Russia: पहली बार इंसानों में पहुंचा Bird Flu H5N8 वायरस, पोल्ट्री फार्म के सात लोग हुए संक्रमित

मॉस्को: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच बर्ड फ्लू का वायरस पहली बार इंसानों में सामने आया है. रूस के स्वास्थ्य विभाग ने इंसानों में बर्ड फ्लू के वायरस के ट्रांसमिशन की पहली पुष्टि की और बताया है कि H5N8 एवियन फ्लू एक पोल्ट्री फार्म के सात कर्मचारियों में पाया गया है. रोसपोट्रेबनाजोर के वेक्टर रीसर्च सेंटर ने इंसानों में इस वायरस की खोज की है. इस बात की जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को दे दी गई है.

आइसोलेशन में रखे गए सभी संक्रमित 7 लोग

लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखने वाली संस्था रोसपोट्रेबनाजोर (Rospotrebnadzor) की प्रमुख अन्ना पोपोवा (Anna Popova) ने बताया कि एवियन एन्फ्लूएंजा ए वायरस से एक पोल्ट्री में काम करने वाले सात लोगों को संक्रमित पाया गया है. पोल्ट्री फार्म के सात कर्मचारियों को संक्रमित होने के बाद आइसोलेट किया गया है. इसके साथ ही संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है.

इंसान से इंसान में संक्रमण के लक्षण नहीं

अन्ना पोपोवा (Anna Popova) ने बताया कि सभी संक्रमित ठीक महसूस कर रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में हैं. अभी तक बर्ड फ्लू के वायरस के इंसान से इंसान के बीच संक्रमण के लक्षण सामने नहीं आए हैं. संक्रमण के शिकार लोग पोल्ट्री फॉर्म में काम करते हैं.

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भारत में बर्ड फ्लू मामलों की पुष्टि

बता दें कि हाल ही में भारत के कई राज्यों में कौए और अन्य पक्षी मरे पाए गए थे, जिनमें बाद में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी. इसके बाद कुछ बाद राज्यों में पोल्ट्री फार्म में मुर्गों को मारने और मुर्गा मंडियों को बंद करने के आदेश दिए गए थे. 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों- केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में व्यावसायिक रूप से पाले जाने वाले पक्षियों और जंगली पक्षियों के बीच बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी.

कितना बड़ा हो सकता है खतरा

WHO के अनुसार, A(H5) वायरस से मानव संक्रमण दुर्लभ हैं और यह उन लोगों में पाया जाता है, जो बीमार या मरे हुए संक्रमित पक्षियों के संपर्क में रहते हैं. इससे इंसानों में भी गंभीर बीमारी या मौत हो सकती है. 2014 से नवंबर 2016 के बीच एवियन फ्लू H5N6 के 16 केस सामने आए हैं, जिनमें से 6 की मौत हो गई. अन्ना पोपोवा (Anna Popova) ने कहा, ‘ऐसे समय में इस म्यूटेशन की खोज अहम है, जब वायरस में अभी मानव से मानव संक्रमण की क्षमता नहीं आई है, इससे हमें और पूरी दुनिया को संभावित म्यूटेशन के खिलाफ तैयारी का समय मिल गया है.’

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