Birds’ brains may explain why they survived longer than other dinosaurs | US: डायनासोर की तुलना में पक्षी ज्‍यादा जीवित क्‍यों रहे? मिल गया जवाब!

न्यूयॉर्क: अमेरिकी शोधकतार्ओं ने एक नए पक्षी जीवाश्म (Fossil) की खोज की है. इससे पता चलता है कि एक यूनिक ब्रेन शेप के कारण जीवित पक्षियों के पूर्वज 6.6 करोड़ साल पहले अन्य सभी ज्ञात डायनासोरों का दावा करने वाले बड़े पैमाने पर विलुप्त होने से बच गए.

70 मिलियन साल पुराना जीवाश्म

अमेरिका (America) के ऑस्टिन में टेक्सास यूनिवर्सिटी की एक टीम ने जीवाश्म की खोज की है, जो लगभग 70 मिलियन साल पुराना है. इसकी लगभग पूरी खोपड़ी है, जो जीवाश्म रिकॉर्ड में एक दुर्लभ घटना है, जिसने वैज्ञानिकों को प्राचीन पक्षी की तुलना मौजूदा पक्षियों से करने की अनुमति दी. जिसके बाद टीम ने साइंस एडवांसेज जर्नल में अपनी रिपोर्ट पब्लिश की.

इचिथोर्निस नामक पक्षी का नया नमूना

ये जीवाश्म इचिथोर्निस (Ichthyornis) नामक एक पक्षी का नया सैंपल है, जो अन्य गैर-एवियन डायनासोर (Non-Avian Dinosaurs) के समान ही विलुप्त हो गया था, और देर से क्रेतेसियस काल (cretaceous period) के दौरान अब अमेरिका के कान्सास सिटी (Kansas) में रहता था. इचिथोर्निस में एवियन और गैर-एवियन डायनासोर जैसी विशेषताओं का मिश्रण है, जिसमें दांतों से भरा जबड़ा होता हैं और एक चोंच भी होती है. बरकरार खोपड़ी ने टोरेस और उनके सहयोगियों को मस्तिष्क को करीब से देखने दिया.

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अस्तिस्व में दिमाग ने निभाई अहम भूमिका

यूटी कॉलेज ऑफ नेचुरल साइंसेज में शोध करने वाले प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर क्रिस्टोफर टोरेस ने कहा, ‘जीवित पक्षियों में स्तनधारियों (mammals) को छोड़कर किसी भी ज्ञात जानवरों की तुलना में ज्यादा जटिल दिमाग होता है. यह नया जीवाश्म आखिरकार हमें इस विचार का परीक्षण करने देता है कि उन दिमागों ने उनके अस्तित्व में एक प्रमुख भूमिका निभाई है, जो अब यूटी जैक्सन स्कूल ऑफ जियोसाइंसेज में एक शोध सहयोगी है.’

एंडोकास्ट से की जीवित पक्षियों से तुलना

पक्षी की खोपड़ी उनके दिमाग के चारों ओर कसकर लपेटती है. सीटी-इमेजिंग डेटा के साथ, शोधकतार्ओं ने इचथ्योर्निस की खोपड़ी को एक सांचे की तरह इस्तेमाल किया जिससे उसके मस्तिष्क की एक 3D इमेज बनाई जा सके, जिसे एंडोकास्ट कहा जाता है. उन्होंने उस एंडोकास्ट की तुलना जीवित पक्षियों और ज्यादा दूर के डायनासोरियन रिश्तेदारों के लिए बनाए गए लोगों से की.

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रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

शोधकतार्ओं ने पाया कि इचिथोर्निस का मस्तिष्क जीवित पक्षियों की तुलना में गैर-एवियन डायनासोर के साथ अधिक समान था. विशेष रूप से, सेरेब्रल गोलार्ध – जहां मनुष्यों में भाषण, विचार और भावना जैसे उच्च संज्ञानात्मक कार्य होते हैं – इचिथोर्निस की तुलना में जीवित पक्षियों में बहुत बड़े होते हैं. उस पैटर्न से पता चलता है कि इन कार्यों को बड़े पैमाने पर विलुप्त होने से बचाने के लिए जोड़ा जा सकता है.

‘पक्षियों और डायनासोर के बीच जीवित रहने…’

टोरेस ने कहा, ‘अगर मस्तिष्क की एक विशेषता उत्तरजीविता (survival) को प्रभावित करती है, तो हम उम्मीद करेंगे कि यह जीवित बचे लोगों में मौजूद होगा. लेकिन इचथ्योर्निस जैसे हताहतों में अनुपस्थित होगा. ठीक यही हम यहां देखते हैं.’ यूटी जैक्सन स्कूल ऑफ जियोसाइंसेज की प्रोफेसर और अध्ययन की सह-लेखक जूलिया क्लार्क ने कहा, ‘इचिथोर्निस उस रहस्य को उजागर करने की कुंजी है.’ यह जीवाश्म हमें जीवित पक्षियों और डायनासोर के बीच उनके जीवित रहने से संबंधित कुछ लगातार सवालों के जवाब देने के करीब लाने में मदद करता है.

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