कांग्रेस ने बीजेपी पर गुटबाजी का आरोप लगाया है.
नगरीय निकाय चुनाव एक साल बाद भी रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation) बिना नेता प्रतिपक्ष के ही चल रहा है. दरअसल अंदरूनी गुटबाजी के चलते बीजेपी अब तक नेता प्रतिपक्ष तय नहीं कर पायी है.
रायपुर नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुर्यकांत राठौर इस बार भी नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में हैं. हालांकि कई दफे बैठकें हो चुकी है लेकिन नेता प्रतिपक्ष के लिए एक नाम पर सहमति नहीं बन पायी. सुर्यकांत राठौर ने अब तक नेता प्रतिपक्ष नहीं चुने जाने पर सफाई देते हुए कहा है कि ये उनके संगठन का मामला है और नेता प्रतिपक्ष नहीं होने से बीजेपी पार्षद दल का कोई काम नहीं रूका है.
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नेता प्रतिपक्ष चयन का मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचानेता प्रतिपक्ष चुनने की जिम्मेदारी जिला स्तर के टीम की होती है लेकिन रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चयन का मामला प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है. रायपुर जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का चयन अब प्रदेश नेतृत्व करेगा.
बहरहाल बीजेपी में गुजबाजी इस कदर हावी है कि नेता प्रतिपक्ष चुनने में ही 1 साल का वक्त लगा दिया गया. ऐसे में नयी प्रदेश प्रभारी ने पार्टी में सभी नियुक्तियां जल्द करने के निर्देश दिये हैं देखना होगा कि आखिर संगठन किसे रायपुर नगर निगम का नेता प्रतिपक्ष बनाती है.

