पर्ची बाबाओं से नाराज, सागर में बीजेपी नेता का अनूठा इस्तीफा

  • भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ने पर्ची निकालने वाले बाबाओं के खिलाफ छोड़ी पार्टी

भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक भाजपा नेता ने अनूठी तरीके से इस्तीफा लिखा है। भाजपा नेता भगवती प्रसाद जाटव ने सागर जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया को भेजे गए अपने इस्तीफे में लिखा है कि आज पूरे मध्य प्रदेश में कुछ बाबा जनता का पर्चा निकालकर उनका भविष्य बता कर भय का वातावरण बना रहे हैं। हमारी सरकार उनको सुरक्षा प्रदान कर रही है। मंत्री लोग करोड़ों रुपए में उनके पंडाल लगाकर यह सब करा रहे हैं। इससे लगता है कि सरकार को एवं मंत्रियों को अपने काम और कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं रहा है। हमारा देश संविधान से चलता है। बाबाओं से नहीं। जाटव ने कहा है कि बाबा लोग भाईचारा बिगड़ने का काम कर रहे हैं। इसलिए मैं भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के पद एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। भगवती जाटव ने सागर जिले के रैपूरा गांव में दलितों के मकान वन विभाग द्वारा तोड़े जाने वाले मामले का भी इस्तीफे में जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि रेंजर की इतनी हिम्मत नहीं है कि मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी को बताए बिना 18 मकान बगैर नोटिस के बुलडोजर चलाकर तोड़ दें। उन्होंने पूरे प्रदेश में दलितों पर अत्याचार बढ़ने के आरोप भी इस्तीफे में लगाए हैं। गौरतलब है कि छतरपुर के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री और सीहोर के पंडित प्रदीप मिश्रा की कथाओं का दौर इन दिनों फूट चल रहा है और सत्ता पक्ष के कई नेताओं के द्वारा कथाओं का आयोजन किया जा रहा है अनुमान जताया जा रहा है कि इन बाबाओं के नाम लिखे बगैर भगवती प्रसाद जाटव ने अपना इस्तीफा दिया है। लेकिन उनका इशारा इन बाबाओं की ओर ही है।

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