बीते लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की अब घर वापसी होने लगी है और इसकी शुरुआत जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना से हुई है….बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अमित सक्सेना ने 2 साल बाद ही जिला कांग्रेस कार्यालय में पूर्व सांसद नकुलनाथ के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ले ली,
इस दौरान मीडिया से चर्चा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने कहा कि भाजपा में जाना उनकी सबसे बड़ी भूल थी और वहां पर जनहित के मुद्दे उठाना सबसे बड़ा अपराध माना जाता है वही इस दौरान पूर्व सांसद नकुल नाथ ने कहा कि कांग्रेस की घर वापसी का अभियान पूरे मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा से आरंभ हो रहा है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम हर किसी को वापस ले लेंगे जिसे अपनी गलती का एहसास होगा केवल उन्हें ही सोच समझकर वापस लिया जाएगा।
रिकॉर्ड मतों से जीतने वाले जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और कमलनाथ का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था,पिछले कुछ दिनों में छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने और अन्य मांगों को लेकर उनके द्वारा पार्टी गाइडलाइन से हटकर गांव गांव में बैठक कर किसान आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही थी जिसके चलते जिला भाजपा द्वारा उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन इसके बावजूद भी जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने किसान आंदोलन में सहभागिता कर भाजपा से इस्तीफा दे दिया और शनिवार को अपने समर्थकों के साथ छिंदवाड़ा में पूर्व सांसद नकुलनाथ के समक्ष एक बार फिर से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।


