ब्रासीलिया: कोरोना के बढ़ते खतरे को नजरंदाज करते हुए ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो ने एक बार फिर अजीबोगरीब बयान दिया है. राष्ट्रपति ने कहा है कि ब्राजील को वैक्सीन की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि वह वैक्सीन नहीं लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने वैक्सीन प्रोग्राम पर भी गंभीर सवाल उठाए.
यह मेरा हक है
एक बयान में जैर बोलसोनारो (Jair Bolsonaro) ने कहा, ‘मैं आपसे कह रहा हूं, मैं इसे नहीं लेने वाला हूं. यह मेरा हक है.’ राष्ट्रपति का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बोलसोनारो ने मास्क (Mask) की उपयोगिता को भी कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि इस संबंध में बेहद कम साक्ष्य हैं कि मास्क कोरोना वायरस (CoronaVirus) संक्रमण को रोकने में प्रभावी है. हालांकि, ये बात अलग है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित सभी स्वास्थ्य एजेंसियां कोरोना से जंग में मास्क को कारगर हथियार बता रही हैं.
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उड़ाया था मजाक
एक तरफ पूरी दुनिया वैक्सीन (Corona Vaccine) का इंतजार कर रही है वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति का यह बयान दर्शाता है कि कोरोना को कमतर आंकने की उनकी आदत अभी भी बरकरार है. बोलसोनारो ने इससे पहले भी कहा है कि वैक्सीन उपलब्ध होने के बाद ब्राजील के लोगों को वैक्सीन की जरूरत नहीं होगी. इतना ही नहीं, कुछ समय पहले उन्होंने ट्विटर पर वैक्सीन प्रक्रिया का मजाक उड़ाते हुए कहा था कि वैक्सीन की जरूरत केवल उनके कुत्ते को है.
नहीं बदला रुख
जैर बोलसोनारो जुलाई में खुद भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है. बता दें कि ब्राजील कोरोना वायरस से हुई मौतों के मामले में दूसरे नंबर पर है, लेकिन राष्ट्रपति स्थिति को गंभीरता को समझने के बजाये महामारी का मजाक उड़ाते रहे हैं और अभी भी उनमें कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है. कोरोना की शुरुआत में बोलसोनारो ने लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने जैसे उपायों का कड़ा विरोध किया था, जिसके चलते ब्राजील में हाल बेहाल हो गए थे.


