लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (British Prime Minister Boris Johnson) ने यूरोपीय संघ को 15 अक्टूबर तक का समय दिया है कि ईयू 15 अक्टूबर तक ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौता (Trade Agreement) कर ले. बोरिस का ये बयान यूरोपीय संघ की उस धमकी के बाद आया है कि हो सकता है ब्रिटेन-यूरोपीय के बीच व्यापार समझौता हो ही न पाए. बता दें कि ब्रेग्जिट (Brexit)के बाद से अभी तक ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (Europian Union) के बीच व्यापारिक शर्तों को तय करने को लेकर सात दौर की वार्ता हो चुकी है.
बोरिस जॉनसन का बयान क्या है?
बोरिस जॉनसन (Borris Johnson) ने कहा कि 15 अक्टूबर तक बातचीत का नतीजा निकल आना चाहिए, क्योंकि उसके बाद ब्रिटेन आगे बढ़ जाएगा. भले ही दोनों पक्षों में कोई मुक्त व्यापार समझौता हो या न हो.
अगले सप्ताह फिर शुरू होगी बातचीत
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर 7 दौर की वार्ता हो चुकी है और अगले सप्ताह से आठवें दौर की वार्ता शुरू होगी. इस बातचीत में दोनों ही पक्ष जमकर सौदेबाजी कर रहे हैं, जिसकी वजह से कई मामलों पर अंतिम नतीजों तक नहीं पहुंचा जा सका है. ब्रिटेन के शीर्ष वार्ताकारों ने कहा है कि वो किसी भी शर्त पर पहले नहीं झुकेंगे. भले ही बातचीत का कोई नतीजा न निकले और व्यापार समझौता न हो. वो इस बात से नहीं डर रहे हैं.
क्या चाहता है यूरोपीय संघ?
यूरोपीय संघ के लिए बातचीत कर रहे मिचेल बार्नियर ने कहा कि बातचीत की सफलता ब्रिटेन पर निर्भर करती है. क्योंकि ब्रिटेन समंदर में मछली पकड़ने और राजकीय सहायता नियमों में कोई ढील नहीं दे रहा है. ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ का मुख्यालय है और ब्रसेल्स (Brussels) का मानना है कि अक्टूबर मध्य तक दोनों पक्षों में समझौता शायद ही हो पाए. क्योंकि नियम और शर्तों को यूरोपीय संसद में पास भी करवाना है.
तो क्या ऑस्ट्रेलियाई नीति पर चलेगा ब्रिटेन?
ऑस्ट्रेलिया का यूरोपीय संघ के साथ कोई व्यापारिक समझौता नहीं है. इसके बावजूद दोनों पक्षों में व्यापार होता है. ये व्यापार विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) के नियमों के मुताबिक होता है.
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