bulky muscle vs lean muscle: Bodybuilding: लीन या मस्कुलर, जानें किस तरह की बॉडी बनाना आपके लिए है एकदम आसान – bodybuilding workout lean muscle vs bulk muscle what the difference

फिल्मों को देखकर या फिट रहने की चाह में आज कल लोग जिम को तेजी से अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। जिम जाने वाले कुछ लोग लीन मसल्स की बॉडी पाना चाहते हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो अपना करियर फिटनेस इंडस्ट्री के जरिए बनाना चाहते हैं वह एक मस्कुलर बॉडी के लिए तैयारी करते हैं। ऐसे में आप इन दोनों में से किसी भी तरह की बॉडी बना सकते हैं, बस दोनों के लिए आपको अलग-अलग तरह से सब करना होगा। चलिए समझते हैं लीन मसल्स और मस्कुलर के बीच फर्क को.

क्या है लीन मसल्स और कैसे बनता है

लीन बॉडी ज्यादातर या तो मॉडल या स्पोर्ट्स पर्सन बनाकर रखते हैं। जैसे कि विराट कोहली। लीन मसल्स की चाहत रखने वाले लोग अपने शरीर की अतिरिक्त चर्बी को घटाने पर अधिक ध्यान देते हैं, ना कि मसल्स को बनाने पर। दरअसल, हम सभी के शरीर में मसल्स पहले से होते हैं, लेकिन शरीर पर मोटापा चढ़ने की वजह से यह छिप जाते हैं। ऐसे में जब आप अपनी कैलोरीज की मात्रा को कम करते हैं और शरीर के फैट को जलाने का प्रयास करते हैं तो लीन मसल्स बॉडी पर दिखने लगते हैं।

इस प्रक्रिया में व्यक्ति को अपनी डाइट में कैलोरीज की मात्रा का खास ध्यान रखना होता है। इसके अलावा कैलोरीज की मात्रा धीरे-धीरे कम करनी होती है। इसके साथ जिम में वेट ट्रेनिंग और अन्य एक्सरसाइज करनी होती है। इस प्रक्रिया में लीन बॉडी बनने लगती है।
(फोटो साभार: इंस्टाग्राम)

ऋतिक रोशन जैसी लीन बॉडी पाने के लिए फॉलो करें ये टिप्‍स, कुछ ही समय में दिखेगा जबरदस्‍त रिजल्‍ट

मस्कुलर बॉडी क्या है

अगर आप मस्कुलर बॉडी का मतलब जानना ही चाहते हैं तो आप उस इंसान को याद करें; जो जिम में बड़े बड़े डंबल उठाता है और प्रोटीन शेक पीता हुआ दिखाई देता है। इस तरह के लोगों से आप अगर पूछेंगे तो वह आपको कहेंगे कि वह गेनिंग पर हैं। मस्कुलर बॉडी पाने की चाहत रखने वाले लोग अपने शरीर से फैट को कम करते हैं और मसल्स के साइज को बढ़ाने का काम करते हैं।

गेन करने वाले ज्यादातर लोग पहले शरीर पर फैट को बढ़ने देते हैं और फिर एक्सरसाइज और सही डाइट के जरिए फैट कम करते हैं और मसल्स के साइज को बढ़ाते हैं।

आपके लिए क्या है सही, जानिए

बॉडी लीन रखनी है या गेन करनी है? इसके लिए अगर आप अपने शरीर को सही तरह से जान लेते हैं तो बॉडी बनाना आपके लिए आसान हो जाता है। आपको बता दें कि अधिकतर तीन तरह के ही बॉडी टाइप होते हैं। पहला एंडोमॉर्फ, दूसरा एक्टोमॉर्फ और तीसरे होते हैं मेसोमॉर्फ। ठीक से अपनी बॉडी टाइप को समझने के लिए आगे पढ़ें।

महज 3 दिन में रिकॉर्ड तोड़ वजन घटा सकती है मिलिट्री डाइट, ये रहा Diet Plan

एंडोमॉर्फ (Endomorph)

-endomorph

इस तरह की बॉडी टाइप के लोगों की बॉडी का फ्रेम साइज थोड़ा बड़ा होता है। इनका मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है। इनके लिए वजन बढ़ाना और मस्कुलर बनना बेहद आसान होता है। जबकि अगर इस तरह के लोग लीन मसल्स पाना चाहें तो उन्हें इसमें काफी दिक्कत आ सकती है।

एक्टोमॉर्फ (Ectomorph)

-ectomorph

आपने अक्सर बेहद पतले और छोटे बॉडी फ्रेम के लोगों को अक्सर देखा होगा। यह अक्सर शिकायत करते भी देखे जा सकते हैं कि यह कुछ भी खा लें, लेकिन मोटे नहीं होते। इस तरह के लोगों के लिए लीन मसल्स वाली बॉडी बनाना बेहद आसान हो सकता है। इनका मेटाबॉलिज्म बेहद स्ट्रॉन्ग होता है और यह आसानी से सब कुछ पचा लेते हैं। अगर इस तरह के लोग एक मस्कुलर बॉडी पाना चाहते हैं तो उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

मेसोमॉर्फ (Mesomorph)

-mesomorph

इस तरह के लोगों के कंधे और कमर एक ही साइज के होते हैं। यह एक मध्य बॉडी फ्रेम साइज होता है। इस तरह के फ्रेम के साथ आपको स्पोर्ट्स पर्सन दिखाई दे सकते हैं। इन लोगों के लिए लीन मसल्स बनाना भी आसान होता है और मस्कुलर बॉडी भी।

लीन मसल्स के लिए टिप्स

लीन मसल्स के लिए आपको प्रोटीन डाइट का सेवन करना होगा। ध्यान रहे प्रोटीन के जरिए ही मसल्स की ग्रोथ होगी।
लीन बॉडी पाने के लिए आपको ली गई कैलोरीज और जलाई गई कैलोरीज का हिसाब रखना होगा।
गुड फैट की मात्रा पर ध्यान देना होगा।
कार्ब्स की मात्रा कम से कम इतनी रखनी होगी जिससे आप अपनी एक्सरसाइज सही तरह से कर पाएं।
लंबे समय तक अधिक कैलोरीज जलाने से आपको हार्मोन से जुड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

102 किलो के इस शख्‍स ने घटाया 35 Kg वजन, बिना किसी सप्लिमेंट के यूं बनाई लीन बॉडी

मस्कुलर बॉडी के लिए

कैलोरीज अधिक मात्रा में लेनी होगी।
प्रोटीन इनटेक भी अधिक रखना होगा ताकि मसल्स की ग्रोथ होती रहे।
फैट की मात्रा का ध्यान रखना होगा। इसके अलावा गुड फैट वाली खाद्य सामग्री का सेवन करना होगा।
हैवी ट्रेनिंग के लिए कार्ब्स की मात्रा अधिक रखनी होगा। ताकि एक्सरसाइज के दौरान ऊर्जा बनी रहे।

नोट – ध्यान रहे कि लेख में बताई गई बातें केवल आपकी जानकारी के लिए हैं। अगर आप किसी तरह के सप्लीमेंट या वर्कआउट प्लान को फॉलो करना चाहते हैं तो किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here