मऊगंज, मध्य प्रदेश: मऊगंज के देवतालाब स्थित सीएम राइज स्कूल में आज छत का प्लास्टर गिरने से चार मासूम छात्र घायल हो गए। इनमें से दो बच्चियों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। यह घटना सरकारी स्कूलों की बदहाली और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना के बाद घायल छात्रों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। एक छात्रा, रेनू मिश्रा को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। वहीं, दूसरी छात्रा प्रियांशी द्विवेदी (पिता शांति स्वरूप द्विवेदी, हटवा सोरैहान) की हालत गंभीर होने के कारण उसे संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर किया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल प्रियांशी की हालत स्थिर बताई जा रही है। विद्यालय के प्राचार्य अशोक मिश्रा छात्रा के साथ अस्पताल में मौजूद हैं।
घटनास्थल पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद मिश्रा, स्थानीय पटवारी और डायल 100 की टीम मौजूद है। कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इंजीनियर अक्सर स्कूल का निरीक्षण करने के बजाय कार्यालय में बैठकर ही इंस्पेक्शन कर लेते हैं। शिक्षकों ने यह भी बताया कि विद्यालय को दो शिफ्टों में चलाने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिली।
इस हृदय विदारक घटना ने मध्य प्रदेश सरकार की लापरवाही और नाकामी को उजागर किया है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक बच्चों की जान खतरे में डाली जाएगी? क्या यही है सीएम राइज स्कूल का सच, जहां स्कूलों की जर्जर इमारतें बच्चों के लिए खतरा बन रही हैं?भाजपा सरकार बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन हकीकत में भ्रष्टाचार और लापरवाही का बोलबाला है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, जर्जर भवन और प्रशासन की उदासीनता – यह सब मिलकर बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।


