छतरपुर। विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, छतरपुर ने रिश्वतखोरी के मामले में जनपद पंचायत छतरपुर की तत्कालीन ब्लॉक समन्वयक नीलम तिवारी को दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।मामले के अनुसार, फरियादी जितेंद्र सिंह से शौचालय निर्माण की राशि हितग्राहियों के खातों में डालने के एवज में नीलम तिवारी ने 6,500 रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोपी ने 1,000 रुपये पहले ले लिए थे, जबकि शेष 5,500 रुपये लेते समय 18 फरवरी 2020 को लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया था।न्यायालय ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।


