Chhattisgarh : सरकार ने तय किया निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज का शुल्क | raipur – News in Hindi

छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए कोविड 19 का इलाज शुल्क तय किया.

राज्य सरकार ने बिना लक्षण वाले या मामूली लक्षण वाले उन मरीजों के लिए ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श शुल्क 250 रुपये प्रति दिन रखने का फैसला किया है, जिनका इलाज घर से चल रहा है.

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने राज्य में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के मद्देनजर निजी अस्पतालों (Private hospitals) में इलाज का शुल्क तय कर दिया है. अधिकारी ने रविवार को बताया कि मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च उठाना पड़ेगा, जिसे अलग-अलग जिलों में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधा के आधार पर ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ श्रेणियों में बांटा गया है. जनसंपर्क विभाग (public relations Department) के अधिकारी ने बताया कि महामारी अधिनियम 1897, छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियम 1949 और छत्तीसगढ़ महामारी कोविड-19 नियम 2020 के तहत शनिवार को आदेश जारी किया गया है.

दो श्रेणियों में बांटे गए अस्पताल

रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जैसे प्रमुख जिलों के अस्पतालों को ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है. वहीं सुरगुजा, महासमंद, धमतारी, कांकेर, जांजगीर-चंपा, बलौदाबाजार-भाटपारा, कबीरधाम और बस्तर जिलों को ‘बी’ श्रेणी में शामिल किया गया है. अधिकारी ने बताया कि राज्य के शेष जिले ‘सी’ श्रेणी में रखे गए हैं.

‘ए’ श्रेणी के अस्पतालों में इलाज का खर्चउन्होंने बताया कि ‘ए’ श्रेणी में राष्ट्रीय प्रत्यायन अस्पताल बोर्ड (एनएबीएच) द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल मामूली रूप से बीमार मरीज से 6,200 रुपये प्रति दिन, गंभीर रूप से बीमार रोगी से 12,000 रुपये प्रतिदिन और बहुत गंभीर रूप से बीमार मरीज से 17,000 रुपये प्रति दिन ले सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि एनएबीएच से गैर मान्यता प्राप्त अस्पताल मामूली रूप से बीमार मरीज, गंभीर रूप से बीमार मरीज और बहुत गंभीर रूप से बीमार रोगी से क्रमशः 6200, 10,000 और 14,000 रुपये प्रतिदिन ले सकते हैं.

‘बी’ और ‘सी’ श्रेणी के अस्पतालों के लिए निर्देश

उन्होंने बताया कि ‘बी’ श्रेणी के अस्पताल मरीजों की इन तीन श्रेणी के इलाज के वास्ते ‘ए’ श्रेणी के लिए तय की गई दर का 80 फीसदी ले सकते हैं जबकि ‘सी’ श्रेणी के अस्पताल 60 फीसदी शुल्क ले सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि आदेश की अवहेलना करने पर दंडित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बिना लक्षण वाले या मामूली लक्षण वाले उन मरीजों के लिए ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श शुल्क 250 रुपये प्रति दिन रखने का फैसला किया है, जिनका इलाज घर से चल रहा है.




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here