Chhattisgarh News In Hindi : Chhattisgarh Water Crisis Updates On Bilaspur Village Kathakoni Ground Water Level Down | काठाकोनी के 6 गांव में जलसंकट, 65 फीट नीचे गया पानी, तालाब सूख रहे

  • ग्राउंड रिपोर्ट : पिछले साल 75 फीट नीचे चला गया था जलस्तर
  • लाइम स्टोन की संरचनाओं से पानी का पर्याप्त रिचार्ज न होना वजह

Dainik Bhaskar

Feb 29, 2020, 01:08 PM IST

बिलासपुर. बिलासपुर में इस बार 15 साल में सर्वाधिक बारिश हुई। 1 जून से अब तक 1263.1 मिमी वर्षा हुई। 2004-05 में 1358.9 मिमी बारिश हुई थी। बावजूद इसके गर्मी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई और तखतपुर के काठाकोनी समेत पांच गांवों में जलस्तर नीचे जा रहा है। भू- जल विभाग के अनुसार तखतपुर ब्लाॅक के काठाकोनी में ही वर्तमान में जलस्तर 65 फीट नीचे जा चुका है। जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह 75 फीट नीचे गया था। यही हाल आसपास के छह गांवों का है। 

तखतपुर के काठाकोनी ग्राम पंचायत के साथ ही खम्हरिया, पेंड्री, चनाडोंगरी, जरौंधा, कुंआ और केकती गांवों में पिछले साल 400 फीट में पानी नहीं मिल रहा था। वर्ष 2018 फरवरी माह को याद करते हुए काठाकोनी के सरपंच जगदीश यादव ने बताया कि खम्हरिया और केकती गांवों में यह स्थिति बनी थी कि उन्हें नहाने तक हमारे गांव आना पड़ता था। सरपंच ने बताया कि तालाबाें में फिलहाल पानी कम है, लेकिन जिस तरह से कम हो रहा है, वह चिंताजनक है। गांव के ही राजाराम नेता और चंद्रकुमार ध्रुव ने बताया कि वर्तमान में बोर से पानी आ रहा है लेकिन आगे क्या होगा, मार्च में ही पता चलेगा।

जानिए कहां कितना जल स्तर गिरा

जगह ब्लाॅक फरवरी 2019 (फीट में) फरवरी 2020 (फीट में)
किरारी मस्तूरी 21.61 10.89 
सीपत मस्तूरी 33.33 19.14
बिल्हा बिल्हा  27.39 20.62
बरतोरी बिल्हा 25.41 21.94
तखतपुर तखतपुर 57.42 13.86
काठाकोनी  84.97   72.43
कोटा 60.55  35.14
रतनपुर  28.38 20.95

इसलिए रहती है यह स्थिति
भू-जल वैज्ञानिक एसके पराते के अनुसार काठाकोनी और आसपास के गांवों में इस बार अच्छी बारिश होने के बावजूद पिछले साल के समान ही आंकड़े आने के कई कारण हैं। अधिक संख्या में पंपों के चलने से भूजल का उपयोग, लाइम स्टोन की संरचनाओं की वजह से पानी का पर्याप्त रिचार्ज न होना है।

जलसंकट के संकेत : अभी काठाकोनी और आसपास के गांवों में पानी की समस्या नहीं है लेकिन भू-जल विभाग के जो आंकड़े आए हैं उससे काठाकोनी और दूसरे ब्लाकों के जगहों के आंकड़ों में खासा फर्क है। यह आंकड़े आने वाले समय में इशारा कर रहे हैं कि यदि जल स्तर नीचे जाने का यही ग्राफ रहा तो काठाकोनी और आसपास के गांवों में जलसंकट की स्थिति बन सकती है।


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