- मध्य प्रदेश और दिल्ली से आई है अधिकारियों की टीम, रायपुर और भिलाई में डाला डेरा
- पिछले 48 घंटाें से रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में चल रही है छापे की कार्रवाई
Dainik Bhaskar
Feb 29, 2020, 01:17 PM IST
रायपुर. पिछले 48 घंटे से चल रही इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में तमाम चौंकाने वाली जानकारियां मिल रही हैं। अभी तक सोने-चांदी और हीरों के साथ प्रॉपर्टी के दस्तावेज और करोड़ों के कैश मिलने की बात सामने आ रही थी, लेकिन अब इसमें सीबीअाई ने भी दखल दे दिया है। आयकर विभाग की इस पूरी कार्रवाई के दौरान राजनीतिक फंडिंग का भी अंदेशा सामने आया है। इसके चलते शनिवार को सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ पहुंच गई है। माना जा रहा है कि टीम बैकअप के लिए यहां पहुंची है।
वैसे तो इनकम टैक्स की कार्रवाई प्रदेश के कई जिलों में चल रही है, लेकिन जो सबसे बड़े नाम सामने आए हैं, वह रायपुर और भिलाई के ही हैं। फिर चाहे वह रायपुर मेयर एजाज ढेबर हों, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा या फिर भिलाई में आबकारी विभाग के ओएसडी एपी त्रिपार्टी और अब मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया। इन सबके बीच जो खास बात सामने आ रही है, वह है गैर जरूरी राजनीतिक फंडिंग की। शुरू से माना जा रहा है कि कार्रवाई बहुत कुछ पॉलिटिकली फंडिंग को लेकर की गई है, लेकिन अब इसके गैर जरूरी होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब सीबीअाई की टीम ने रायपुर और भिलाई का रूख किया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए तीन बार अलग-अलग फंडिंग की गई। हालांकि प्रदेश में सरकार पहले ही सीबीआई पर प्रतिबंध लगा चुकी है। ऐसे में उनका तत्काल रूप से कोई भी कार्रवाई करना संभव नहीं है। इसके लिए हाईकोर्ट की इजाजत जरूरी है। अगर ऐसा होता है तो जल्द ही कई लोगों पर शिकंजा कस सकता है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले ही आयकर विभाग की पूरी कार्रवाई को अवैध बता चुके हैं। इसके लिए विधि सलाह लेने दिल्ली भी रवाना होने वाले हैं।
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