बच्चों को खेल-खेल और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वर्ण और शब्द की पहचान, कविता, कहानी, तथा अभियान के साथ भाषा ज्ञान का विकास करने के लिए जिले के चयनित 100 प्राइमरी स्कूल में ईजीएल पुस्तकालय कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कविता, कहानी, खेल और विभिन्न गतिविधियों से बच्चों की शिक्षा को सरल और रोचक बनाकर भाषा ज्ञान का विकास किया जा रहा है। जिसकी समीक्षा शुक्रवार को स्वामी विवेकानन्द प्रशिक्षण केन्द्र में कलेक्टर चन्दन कुमार ने की। उन्होंने ईजीएल प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक एवं प्रधानाध्यापकों से स्कूल, पोटाकेबिन में ईजीएल कार्यक्रम की नियमित कक्षा संचालन की जानकारी ली। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक में ईजीएल कार्यक्रम की नियमित कक्षाएं संचालन एवं उच्च ग्रेडिंग प्राप्त शालाओं की प्रशंसा की। वहीं ईजीएल कक्षाएं संचालन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चार शिक्षकों को निलंबित और एक अधीक्षिका को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
घर के बच्चे की तरह पढ़ाई
उन्होंने शिक्षकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षक स्कूल, आश्रम शाला और पोटाकेबिनों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह शिक्षा दें। बच्चों में खेल, कविता, कहानी और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से भाषा ज्ञान का विकास करें। कम ग्रेडिंग स्तर के स्कूलों के शिक्षकों को उच्च ग्रेडिंग प्राप्त स्कूलों से अध्यापन कार्य की गतिविधियां सीखने कहा।
आश्रम के अधीक्षक बच्चों को पढ़ाया करें
उन्होंने आश्रम-शाला पोटाकेबिनों के अधीक्षकों को भी अध्यापन का कार्य करने के निर्देश दिए। जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां शिक्षकों की व्यवस्था करने के भी निर्देश उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जेके प्रसाद ने कहा कि बच्चों को हमेशा पढ़ाने का प्रयास करें, बच्चों की रोजाना कक्षाएं लें और उनमें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दें और भाषा ज्ञान का विकास करें। बैठक में खण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, ब्लाक नोडल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।
सुकमा। स्वामी विवेकानन्द प्रशिक्षण केन्द्र में शिक्षकों की बैठक लेते कलेक्टर।
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