Chhattisgarh News In Hindi : Tilda News – chhattisgarh news 10 couples tied in knot 32 young women and 53 young men introduced 4 relationships fixed | 10 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, 32 युवती व 53 युवकों ने परिचय दिया, 4 रिश्ते तय


छत्तीसगढ़ धोबी समाज चार राज नौ पार का रजक महोत्सव कोटा में हुआ। इसमें मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, अध्यक्षता समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर, विशिष्ट अतिथि युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल रजक, प्रादेशिक प्रवक्ता लक्ष्मी कर्ष, गंगा निर्मलकर, पार्षद गीता रजक सरगुजा थे।

सभापति 4 राज नौ पार के अध्यक्ष चोवा राम रजक थे। इस अवसर पर 10 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और 32 विवाह योग्य बेटी और 53 बेटों ने परिचय दिया, जिसमें अभिभावकों की मौजूदगी में 4 रिश्ते भी तय हुए। इस दौरान पंडित ने विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ 10 जोड़ों का विवाह कराया। वर-वधु को आशीर्वाद स्वरूप अतिथियों अौर समाज के लोगों ने टिकावन के रूप में नगद राशि और उपहार भी भेंट किए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि धोबी समाज भी
अब अन्य विकसित समाज
की श्रेणी में आने लगा है और
आदर्श विवाह करके अनुकरणीय
उदाहरण प्रस्तुत किया है। समाज के केंद्रीय अध्यक्ष सभापति की मांग पर कोटा और बहेसर में
समाज के भवन के लिए 10 लाख रुपए राज्यसभा सांसद से दिलवाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि समाज में अब जिला पंचायत सदस्य भी होने लगे हैं। अब वह दिन दूर नहीं, जब इस समाज से विधायक, सांसद और मंत्री भी होंगे, क्योंकि समाज तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवा जोड़ो अभियान में और तेजी लाने और महिलाओं को सामाजिक न्याय में भागीदारी देने के लिए प्रदेश समाज को बधाई दी। कार्यक्रम में रामशिला निर्मलकर, कबीरधाम जिलाध्यक्ष स्वदेश निर्मलकर,
युवा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र निर्मलकर, कवर्धा जिला के युवा अध्यक्ष राम कुमार निर्मलकर, महासमुंद के युवा अध्यक्ष उमेश निर्मलकर, जिपं सदस्य राजू शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश निर्मलकर और चिंतामणि निर्मलकर, अशोक निर्मलकर, रमेश निर्मलकर, रामखेलावन निर्मलकर, विशंभर निर्मलकर शामिल थे।

समाज से खर्चीली शादी
से बचने की अपील

अध्यक्षता करते हुए समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने समाज के लोगों से आदर्श विवाह को अपनाने और समाज में विवाह करने का आह्वान किया। खर्चीली शादी से बचते हुए पैसे से अपना आशियाना तैयार करने या फिर घर के बेरोजगार बेटा-बेटी को रोजगार दिलाने में उपयोग करने की बात कही, जिसका सभी जिला अध्यक्षों और परिक्षेत्रीय अध्यक्षों ने समर्थन किया। मृत्यु भोज में कलेवा की अनिवार्यता, विवाह बंधन के लिए सगाई की रस्म की जगह होने वाली बहू को समाज की मुखिया और अपने परिवार के सामने रुपए देकर रिश्ता पक्का कर रस्म अदायगी पूरी करने की बात कही। वर-वधू से प्रेरणा प्रतीक बनकर समाज में ही विवाह करने का आग्रह किया।

तिल्दा-नेवरा. कोटा में रजक महोत्सव के दौरान 10 जोड़ों की धोबी समाज ने शादी करवाई।


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