राधा कृष्ण मंदिर समिति द्वारा धनोरा में आयोजित भागवत कथा के सातवें दिन कथावाचक बाल विदुषी अंगेशवरी पांडेय ने कहा कि मां एक ऐसा तत्व है, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश समाएं हैं। मां जन्म देती हैं। इस लिए वह ब्रह्मा है, संतान को पालती है इसलिए विष्णु है और संस्कार देकर उसका उद्धार करती है, इसलिए महेश है। नौ घंटे पांच किलो पत्थर अपने पेट पर बांधकर देखो पता लग जाएगा, मां क्या होती है। मां तो ऐसा बोझ पूरे नौ माह तक उठाती है, फिर भी पेट में पल रही संतान के प्रति उसके प्रेम भाव की वजह से उसकी आंखें और चेहरे से जरा भी दर्द नहीं छलकता। अंगेश्वरी देवी ने कहा कि जीवन में तीन चीजें मिलना कठिन है। पहला अच्छी प|ी, अच्छा पुत्र और तीसरा अच्छा पड़ोसी। प|ी और धर्मप|ी में फर्क है, जो पतन की ओर ले जाए वह प|ी और जो खुद धर्म के पथ पर चले और प|ी को भी चलने के लिए प्रेरित करे वह धर्मप|ी। अच्छा पुत्र वह नहीं है जो मां बाप को अपने पास रखता है, वह है जो खुद उनके पास रहता है।
धनोरा में श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन कृष्णलीला की कथा बताई।
Source link