सीधी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आकस्मिक सीधी दौरे के दौरान बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। सर्किट हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री ने आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और जिले के प्रशासनिक कामकाज, विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली तथा शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। इसी समीक्षा और फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री ने सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से कलेक्टर पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के आधिकारिक X हैंडल पर गुना जिले के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने की जानकारी साझा की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अचानक सीधी पहुंचे थे, जहां उनके आगमन की पूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से तय दौरा कार्यक्रम में नहीं थी। पनवार हवाई पट्टी से सर्किट हाउस पहुंचने के बाद उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस दौरान लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही, विभागीय अनियमितताओं और जनसमस्याओं को लेकर शिकायतें रखीं। इन शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए मौके पर ही सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पहले भी जनशिकायतों और प्रशासनिक शिथिलता के मामलों में अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की बात सार्वजनिक रूप से रख चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के आकस्मिक भ्रमण में मिली शिकायतों और प्रशासनिक फीडबैक के आधार पर मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि लापरवाही, शिथिलता और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल पर भी तत्काल निलंबन की कार्रवाई इसी सख्त रुख का हिस्सा मानी जा रही है। सीधी में इस कार्रवाई को जिला प्रशासन के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है, क्योंकि आम जनता से सीधे फीडबैक लेने के बाद मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारी तय करने का संकेत दिया है।
उधर, मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकद राशि के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए एसपी अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश देने की जानकारी भी दी है। पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस एक्शन के बाद सीधी और गुना दोनों जिलों में प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सीधी दौरे के दौरान की गई कार्रवाई को सरकार के सख्त प्रशासनिक रुख के रूप में देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन निर्देशों के बाद शासन स्तर से अगली प्रशासनिक नियुक्तियां और औपचारिक आदेश कब जारी होते हैं।


