इंदौर। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने सोमवार को इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने और पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकटग्रस्त वार्डों में विशेष जलापूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उन्होंने निजी एवं नगर निगम के टैंकरों की मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने शासकीय महाविद्यालयों, छात्रावासों और अन्य आवासीय संस्थानों में जल उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही पाइपलाइन लीकेज की शिकायतों का तत्काल निराकरण करने और नल सप्लाई के समय में असमानता एवं अन्य विसंगतियों को दूर करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जल चोरी और मोटरों के माध्यम से अवैध रूप से पानी खींचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों से आम नागरिकों को परेशानी होती है और जल वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है।
बैठक में 24×7 जल नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्रतिदिन सुबह और शाम जल आपूर्ति की समीक्षा करने, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिक समितियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा सभी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह समीक्षा बैठक इंदौर में बढ़ती गर्मी और जल मांग को देखते हुए आयोजित की गई।


