China, India jointly safeguarding peace at borders, Beijing’s future diplomatic priority: Official| हिंसा के हिमायती ड्रैगन ने की शांति की बात, भारत के साथ रिश्तों पर दिया बड़ा बयान

बीजिंग: लद्दाख हिंसा (Ladakh Face Off) के बाद दुनिया भर में बने चीन-विरोधी माहौल से बीजिंग के होश ठिकाने आ गए हैं. बात-बात पर आंखें दिखाने वाला चीन दोस्ती और मजबूत रिश्तों की बात कर रहा है.

चीन (China) की तरफ से कहा है कि दोनों देशों को सीमा क्षेत्रों में मिलकर शांति एवं सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों के स्थिर और मजबूत विकास को बनाए रखना चीन की प्राथमिकता में है. इसके अलावा, चीन ने अमेरिका सहित दुनिया के अन्य देशों के साथ भी दोस्ताना संबंधों की वकालत की है. 

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन (Zhao Lijian) ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में भारत और अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ मजबूत रिश्तों की बात कही. उन्होंने कहा कि बीजिंग की योजना अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ, जापान और भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ाने की है. दरअसल, उनसे मौजूदा कोरोना महामारी के मद्देनजर भविष्य में चीन की कूटनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया था, जिस पर चीनी प्रवक्ता ने ये बातें कहीं.

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झाओ लिजियन ने कहा कि हम पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारना जारी रखेंगे. चीन-भारत के बीच बेहतर संबंधों के लिए दोनों देशों को संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्रों में मिलकर शांति एवं सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए और द्विपक्षीय रिश्तों के स्थिर और मजबूत विकास को बनाए रखना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने अन्य प्रमुख देशों के साथ अपने रिश्तों को विकसित किया है. साथ ही अमेरिका द्वारा चीन पर बनाए गए अनुचित दबाव का जबाव भी दिया है. चीन-रूस और चीन-यूरोपीय संघ संबंधों को आगे बढ़ाने में प्रगति की है’. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि दवाओं और वैक्सीन पर शोध एवं विकास में चीन अन्य देशों को सहयोग देगा. उन्होंने कहा कि हम अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें सहायता प्रदान करेंगे और वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन में सुधार करेंगे.

चीन के सुर में आई यह नरमी लद्दाख हिंसा के बाद भारत के कड़े तेवरों का ही परिणाम है. भारत सरकार ने जब चीन की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उसकी कंपनियों पर कार्रवाई शुरू की, तो पूरी दुनिया में चीन विरोधी माहौल बनना शुरू हो गया. खासकर अमेरिका ने चीन के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए. इसके अलावा, जिस तरह से अमेरिका ने भारत का समर्थन किया, उसने भी चीन को सकते में डाल दिया. इसलिए अब हिंसा और आशांति पर कायम रहने वाला ड्रैगन शांति और दोस्ती की बात कर रहा है.

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