China must reconsider Hong Kong security law 27 countries tell UN | हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर चौतरफा घिरा चीन, साथ आए 27 देश

जिनेवा: चीन (China) ने हांगकांग (Hong Kong) के लिए विवादास्पद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (National Security Law) पारित कर दिया है. चीन के शीर्ष विधायी निकाय नेशनल पीपुल्स कांग्रेस स्टैंडिंग कमेटी ने मंगलवार को सर्वसम्मति से कानून को मंजूरी दी. इस पर 27 देशों ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान में कहा, चीन को हांगकांग पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर पुनर्विचार करना चाहिए, जो शहर की स्वतंत्रता को कमजोर करता है.

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान ने कहा कि बीजिंग को संयुक्त राष्ट्र अधिकार प्रमुख को अपने पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में सार्थक पहुंच की अनुमति देनी चाहिए. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन के राजदूत जूलियन ब्रेथवेट ने परिषद में सभी हस्ताक्षरकर्ताओं की ओर से बयान पढ़ा. बयान में कहा गया है कि 27 देश नए सुरक्षा कानून पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं. हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि हांगकांग के लोगों, विधायिका या न्यायपालिका की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना कानून को लागू करना, हांगकांग को स्वायत्तता, अधिकार और स्वतंत्रता की गारंटी देते हुए ‘वन कंट्री, टू सिस्टम्स’ सिद्धांत को कमजोर बनाता है. 

बयान में कहा गया है कि- ‘हम चीनी और हांगकांग सरकारों से इस कानून के लागू करने पर पुनर्विचार करने की अपील करते हैं और हांगकांग के लोगों, संस्थानों और न्यायपालिका को अधिकारों और स्वतंत्रता का क्षरण रोकने के लिए एकजुट होने का आग्रह करते हैं.’ हस्ताक्षरकर्ताओं में नीदरलैंड, स्वीडन सहित ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड और 15 यूरोपीय संघ राज्य शामिल थे.

बयान में कहा गया है कि- ‘पिछले साल इस बयान से संबंधित एक पत्र कई हस्ताक्षरकर्ताओं ने प्रस्तुत किया था, जिसमें शिनजियांग में मनमाने ढंग से गिरफ्तारी, व्यापक निगरानी और प्रतिबंधों के बारे में चिंता व्यक्त की गई थी जहां खासकर उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया था. इन गहरी चिंताओं को अब सार्वजनिक डोमेन में ज्यादा जानकारी के साथ पेश किया गया है.’

एक जर्मन शोधकर्ता के एक अध्ययन में सोमवार को कहा गया कि चीनी अधिकारी जनसंख्या नियंत्रण के लिए  उइगर और अन्य अल्पसंख्यक महिलाओं की जबरन नसबंदी करा रहे थे. देशों ने चीन से आग्रह किया कि वह मानवाधिकार के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट को जल्द से जल्द शिनजियांग पहुंचने की अनुमति दें. हस्ताक्षरकर्ताओं ने बाचेलेट से शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों की स्थिति के बारे में नियमित जानकारी प्रदान करने का आग्रह किया है जिससे अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों के तहत आने वाले अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा की जा सके.




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