नई दिल्ली: किसी भी जंग से पहले उसकी लंबी योजना बनानी पड़ती है. फिर उसके बाद दुश्मन देश के मन में ये डर बैठाना पड़ता है कि वो उससे जीत नहीं सकता. चीन इस खेल में माहिर है. वो अक्सर प्रोपेगेंडा वीडियो जारी करके भारत को डराने की चाल चलता है. इस बार उसने भारत ही नहीं पूरे विश्व के मन में दहशत भरने की कोशिश की है. उसने ड्रोन लिबरेशन आर्मी (Drone Liberation Army) तैयार कर ली है. यानी उसके पास ‘आत्मघाती ड्रोन’ (Suicide Drone) की एक पूरी फौज है जो उंगली के एक इशारे पर कहीं भी और कभी भी हमला कर सकती है.
खबरों की मानें तो चीन ने एक दो नहीं बल्कि पूरे 200 ड्रोन मिसाइलों का परीक्षण किया. ये ड्रोन मिसाइलें सिर्फ एक लक्ष्य नहीं उसके आसपास के कई जगहों पर एक साथ हमला कर सकती हैं. यही बात इन ड्रोन मिसाइलों को सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है. रिपोर्टों में इसे ‘सुसाइड ड्रोन’ कहा जा रहा है जिसे चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्पोरेशन ने विकसित किया है. चाइना इलेक्ट्रॉनिक्स ने ड्रोन मिसाइलों के परीक्षण का एक वीडियो भी जारी किया है.
दुनिया के लिए खतरा बना चीन
दुनिया के लिए इस वक्त सबसे बड़ा खतरा चीन है. कोरोना वायरस को लेकर चीन पर पूरी दुनिया आरोप लगा रही है इसीलिए चीन ने विश्व की बर्बादी का एक और सामान तैयार कर लिया है. चीन की ये ड्रोन आर्मी बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाला हथियार है. ये एक ऐसा हथियार जो उंगलियों के इशारे पर हमला करेगा और वो भी सटीक. बिना कोई गलती किए.
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‘ड्रोन आर्मी’ से निपटने का एयर डिफेंस सिस्टम नहीं
ड्रोन आर्मी से निपटने के लिए अभी तक दुनिया का कोई भी देश हाइटेक एयर डिफेंस सिस्टम तैयार नहीं कर पाया है. यानी जब ड्रोन आर्मी हमला करेगी तो अमेरिका या इजरायल जैसे देशों के एयर डिफेंस सिस्टम फेल हो जाएंगे. जब ड्रोन आर्मी सैकड़ों बमों से एक साथ हमला करेगी तो एयर डिफेंस सिस्मट को भी समझ नहीं आएगा कि पहले किस बम को हवा में मार गिराना है.
आत्मघाती ड्रोन विमान का नाम CH-901
ये छोटी-छोटी ड्रोन मिसाइलें हैं जो जमीन या हवा में मौजूद किसी भी टारगेट पर हमला कर सकती हैं. ये ड्रोन एक ट्यूबलर लॉन्चर के अंदर मौजूद होते हैं. जो इशारा पाते ही हवा में लहराकर दुश्मनों के ठिकाने पर बरसते हैं. इस ड्रोन में आगे और पीछे पंख लगे हुए हैं और लक्ष्य की पहचान के लिए इसमें सेंसर भी है. ड्रोन मिसाइलों की खासियत ये है कि इसे किसी भी हल्के वाहन या हेलीकॉप्टर से लॉन्च किया जा सकता है.
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एक बार में 48 आत्मघाती ड्रोन छोड़े जा सकते हैं
बता दें कि चीन की इलेक्ट्रॉनिक्स अकादमी ने पिछले महीने 200 ड्रोन मिसाइलों का सफल परीक्षण किया था. वर्ष 2017 में उसने 120 छोटे ड्रोन का परीक्षण किया था. वो इन ड्रोन्स को एक साथ फौज के रूप में उड़ाने में कामयाब रहा था. इस तकनीक में एक बार में 48 आत्मघाती ड्रोन छोड़े जा सकते हैं.
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आने वाले समय में जो युद्ध होंगे उसमें तकनीक का बोलबाला होगा. अब जो भी युद्ध होगा वो ड्रोन युद्ध होगा. जिसके पास हाइटेक ड्रोन हमलावर होंगे वही कामयाब होगा. अभी तक केवल अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के पास ही इस तरह के आत्मघाती ड्रोन विमान थे. लेकिन अब चीन ने भी इसमें सफलता हासिल कर ली है. उसकी ये उपलब्धि पूरे विश्व और भारत के लिए खतरा है.
ब्यूरो रिपोर्ट, ज़ी मीडिया

