Chinese journalist sent to jail for Wuhan Covid-19 reporting & criticize of xi xi jinping

नई दिल्लीः वुहान से पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) की सच्चाई चीन हमेशा से छुपाता आया है. इस बात का खुलासा चीन के कई डॉक्टर्स और पत्रकार भी कर चुके हैं जिनके साथ जिनपिंग सरकार ने बहुत बुरा बर्ताव किया है. इस बीच चीन की एक पूर्व वकील और महिला पत्रकार को कोरोना वायरस पर कवरेज करना भारी पड़ सकता है. 37 साल की पत्रकार झांग को वहां की लोकल पुलिस ने मई में गिरफ्तार कर लिया था, अब पुलिस उन्हें लंबे समय के लिए जेल भेजनी की तैयारी कर रही है. 

पत्रकार पर मनगढ़ंत खबरें देने का आरोप
झांग पर डिस्ट्रिक्ट प्रोसेक्यूटर ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर मनगढ़ंत खबरें फैलाले का आरोप लगाया है. मालूम हो कि कोविड-19 ने दुनिया के लगभग हर देश को अपनी चपेट में ले लिया है और अब तक लाखों लोगों की जानें जा चुकी हैं. महिला पत्रकार ने जब कोविड-19 पर रिपोर्टिंग की तो उनपर वुहान में गलत सूचनाएं फैलाने के आरोप लगाए गए. सूत्रों के मुताबिक, झांग को इन आरोपों के चलते कड़ी से कड़ी सजा मिल सकती है क्योंकि अब डिस्ट्रिक्ट प्रोसेक्यूटर पत्रकार पर उनके 2018 और 2019 के अपराधों का भी हवाला दे रहा है. 

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पत्रकार ने की भूख हड़ताल
फिलहाल झांग शंघाई के डिटेंशन सेंटर में हैं, जहां पर उनका नियमित रूप से खान-पान शुरू हो चुका है. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के दूसरे माह के दौरान भूख हड़ताल शुरू कर दी थी. उनका दावा था कि अगर उन्हें बिना किसी शर्त के से रिहा कर दिया जाता तो वह भूख हड़ताल तोड़ देंगी. सूत्रों के मुताबिक, ‘झांग ने शुरुआत में जब भूख हड़ताल शुरू की थी तब उन्हें उनके सेल मेट्स द्वारा जबरन खाना खिलाया जाता था. भूख हड़ताल से उनकी हालत नाजुक हो गई थी तब उन्हें ड्रिप भी चढ़ाई गई. लंबे समय तक वह बिना किसी शर्त के रिहा होने की जिद करती रहीं लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. अब उन्होंने खुद से भोजन लेना शुरू कर दिया है.’ 

सोशल मीडिया पर की थी चीनी सरकार की बुराई
झांग 15 मई को वुहान की यात्रा के बाद गिरफ्तार की गई थीं, जहां से कोविड-19 के संक्रमण की शुरुआत हुई थी. पुलिस का आरोप है कि पत्रकार ने सोशल मीडिया के जरिए वुहान की स्थिति की लाइव-स्ट्रीमिंग करते समय चीन सरकार की आलोचना की थी.  

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गिरफ्तार हो चुके ये पत्रकार
बता दें कि झांग से पहले भी चीन के तीन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया था. ये सभी कोरोना वायरस को लेकर रिपोर्टिंग कर रहे थे. क्योंकि इन तीनों पत्रकारों ने महामारी के दौरान देश की स्थिति को सोशल मीडिया के जरिए लाइव-स्ट्रीम किया था और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए थे. इन पत्रकारों के नाम ली जेहुआ, चेन कियूशी और फैंग बिन हैं. 

 




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