छतरपुर/कलेक्टर मृणाल मीणा के प्रस्ताव के आधार पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ईशानगर के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राचार्य के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति से जांच कराई गई थी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया।जांच में सामने आया कि विद्यालय में पुरुष टॉयलेट उपलब्ध होने के बावजूद प्राचार्य द्वारा बालिका टॉयलेट का उपयोग किया जाता था। इसके अलावा संस्था में पदस्थ महिला कर्मचारियों को परेशान कर मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने, अन्य कर्मचारियों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा कर्मचारियों का अकारण वेतन रोकने जैसी शिकायतें भी जांच में सामने आईं। प्राचार्य पर शासकीय योजनाओं की मुखालफत करने के आरोप भी पाए गए।कलेक्टर मृणाल मीणा द्वारा 7 अगस्त को भेजे गए प्रस्ताव के परीक्षण के बाद कमिश्नर सागर अनिल सुचारी द्वारा प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला छतरपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। जिले में तीन दिन में ये दूसरी बड़ी कार्यवाही है।


