भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि यह व्यापार समझौता भारत के हितों के खिलाफ हो सकता है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस ट्रेड डील के चलते रूस से सस्ते तेल का आयात प्रभावित हो सकता है, जिससे भारत पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। इसके साथ ही कांग्रेस ने कहा कि भारत के आईटी सेक्टर और सेवा निर्यात को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो सकती है, जो देश के लाखों युवाओं के रोजगार से जुड़ा अहम मुद्दा है।
राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि “हाउडी मोदी” और “नमस्ते ट्रंप” जैसे भव्य आयोजनों से देश को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोस्ती के दावे तो किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर भारत के हितों की रक्षा होती नहीं दिखी।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस ट्रेड डील की सभी शर्तों को सार्वजनिक करना चाहिए और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बिना व्यापक विचार-विमर्श के ऐसे फैसले ले रही है, जिनका असर लंबे समय तक देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में “दोस्त-दोस्त” की राजनीति से ऊपर उठकर भारत के राष्ट्रीय और आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि इस ट्रेड डील से भारत को वास्तविक रूप से क्या लाभ मिलेगा और किन क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है।


