“4 बच्चे” वाले बयान पर घमासान: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पलटवार—कहा, ‘राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पण, अपराध नहीं’

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने “चार बच्चे” वाले बयान को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक मंचों तक तीखी बहस छिड़ी हुई है। आलोचनाओं के बीच अब उन्होंने खुलकर अपनी सफाई दी है और विरोधियों पर पलटवार किया है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय यह था कि चार बच्चों में से एक को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया जाए—चाहे वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े या भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करे।

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को डॉक्टर, कलेक्टर या सनातन संस्कृति के प्रचारक के रूप में तैयार करना चाहिए, ताकि वे समाज और राष्ट्र के काम आ सकें। “समर्पित करने” का मतलब किसी संस्था को सौंपना नहीं, बल्कि उनमें राष्ट्रभक्ति और धर्म के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना है।

अपने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए शास्त्री ने उन्हें “शुभचिंतक” बताया और कहा कि उनकी प्रगति से परेशान लोग ही ऐसे विवाद खड़े करते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि वे किसी आलोचना या विरोध से डरने वाले नहीं हैं और हिंदुत्व व सनातन के लिए अपना कार्य जारी रखेंगे।

वीडियो के अंत में उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा, “जलने वाले अपनी जलन बरकरार रखें, हम अपना जलवा बरकरार रखेंगे।” साथ ही विरोधियों को सद्बुद्धि मिलने की कामना भी की।

इस बयान के बाद एक बार फिर देशभर में बहस तेज हो गई है। जहां एक वर्ग इसे राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक संरक्षण से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक संतुलन के खिलाफ बता रहा है। फिलहाल, यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

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