Corona virus has not shown any seasonal pattern till now: WHO | कोरोना वायरस ने अब तक कोई मौसमी पैटर्न नहीं दर्शाया है: WHO

जेनेवा: जहां दुनिया भर में COVID-19 के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडहोम घेब्रे‍यसिस ने कहा है कि रवांडा, न्यूजीलैंड, मेकॉन्‍ग रीजन, कैरिबियन और प्रशांत क्षेत्र के द्वीप कोविड ​​-19 को जल्‍द खत्‍म करने में सक्षम हैं. 

इतना ही नहीं न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न (PM Jacinda Ardern) ने लगातार 100 दिनों से कोविड-19 का समुदाय में प्रसार न होने को सेलिब्रेट किया है, जिसे टेड्रोस ने ‘वैश्विक स्‍तर पर अनुकरणीय’ बताया है. 

हालांकि, डब्ल्यूएचओ के हेल्‍थ इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख माइकल रेयान ने चेतावनी दी है कि वायरस ने अब तक कोई मौसमी पैटर्न नहीं दिखाया है. उन्‍होंने कहा, ‘वायरस को प्रेशर देकर खत्‍म करने के बाद भी यह वापस आ जाएगा.’ 

टेड्रोस ने बताया कि 50 डायग्नोस्टिक्स पर मूल्यांकन चल रहा है. इसमें ‘संभावित तौर पर गेम-चेंजिंग रैपिड एंटीजन टेस्‍ट’ भी शामिल है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने यह भी बताया कि गंभीर कोरोना वायरस के लिए पहली थैरेपी डेक्सामेथासोन स्केल-अप मोड में है, जबकि ‘दर्जनों थैरेपी का विश्‍लेषण चल रहा है’. 

टेड्रोस ने कहा, ‘मेरा संदेश स्पष्ट है कि इस वायरस को दबाओ, इसे खत्‍म करो. अगर हम कोरोना वायरस को प्रभावी ढंग से दबा पाते हैं, तो हम सुरक्षित रूप से सोसायटी  को खोल सकते हैं.’

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, ‘फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, स्पेन, इटली और यूके जैसे देशों में वायरस का खासा प्रकोप था, लेकिन जब उन्होंने इसके खिलाफ सटीक कार्रवाई की तो वे इसे दबाने में सक्षम हुए.’ 

टेड्रोस ने विभिन्न देशों द्वारा वायरस के खिलाफ उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘पीएम जॉनसन ने उत्तरी इंग्लैंड के क्षेत्रों को होम नोटिफिकेशंस के तहत रखा, क्योंकि यहां मामलों के क्‍लस्‍टर की पहचान की गई थी. फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन ने मामलों में वृद्धि होने पर पेरिस के व्यस्त बाहरी स्थानों में अनिवार्य तौर पर मास्‍क लगाने की शुरुआत की.’ 

टेड्रोस ने जोर दिया कि वायरस का मुकाबला करने के लिए ‘मजबूत और सटीक उपाय’ की आवश्यकता है.

टेड्रोस ने कहा कि जिन देशों ने ‘तेजी से मामलों को पहचानने, व्यापक स्‍तर पर संपर्कों की ट्रेसिंग करने, रोगियों की अच्‍छी क्‍लीनिकल केयर करने, सोशल डिस्‍टेंसिंग, मास्‍क पहनने और हाथों की नियमित सफाई जैसे कदम उठाए वहां प्रसार की श्रृंखलाएं (chains of transmission) टूट गई थी.’

 




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