corona virus latest update: Coronavirus Updates: मरीजों पर ढीली पड़ रही है कोरोना की पकड़? – after mutation coronavirus loosing potency in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

NBT

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO)और दूसरे कई स्वास्थ्य सेवा संगठन कोविड-19 के लेकर लगातार नई-नई जानकारी जुटा रहे हैं और लोगों से साझा कर रहे हैं। कोरोना वायरस बहुत तेजी से दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है। हालांकि अब इस बीमारी से ठीक होनेवाले पेशंट्स की दर में भी इजाफा हो रहा है। लेकिन इस वायरस का खौफ और प्रकोप दोनों ही बने हुए हैं…

पिछले दिनों इटली के एक चिकित्सक ने दावा किया था कि कोरोना वायरस के कारण फैलनेवाली बीमारी कोविड-19 का असर तेजी से कम हो रहा है। इनके अनुसार, म्यूटेशन के बाद बना नया कोरोना वायरस अब उतना प्रभावी नहीं रहा है, जितना शुरुआती स्तर पर था। लेकिन अब इस बात पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से कहा गया है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत हमें नहीं मिला है, जिसके आधार पर कहा जा सके कि कोरोना का असर मरीजों पर कम हो रहा है या कोरोना की क्षमता में कमी आई है।

Coronavirus: हफ्तेभर में दम तोड़ रहा 10 में से 1 कोरोना का डायबिटिक मरीज

कोरोना इंसान के शरीर पर किस तरह से कब्जा करता है और किस तरह एक-एक कर अंगों को डैमेज करने का काम करता है, इससे जुड़ी खबरें लगातार सायंटिस्ट्स द्वारा दी जा रही हैं। कोरोना वायरस के मरीजों के साथ जो सबसे बड़ी समस्या सामने आ रही है, वह यह है कि इन मरीजों में लक्षण एक-दूसरे से बिल्कुल अलग-अलग नजर आ रहे हैं।

NBT

कोरोना वायरस का लगातार बदलता रूप

कोरोना के अलग-अलग लक्षण

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यदि खांसी-जुकाम-बुखार और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों को छोड़ दिया जाए तो कोविड-19 के मरीजों में किडनी फेल्यॉर, हार्ट अटैक, लिवर का काम ना करना जैसे लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं।

-एक अलग तरह का लक्षण जो आमतौर पर युवाओं या कोविड के उन पेशंट्स में देखने को मिला, जिनकी इम्युनिटी पॉवर अच्छी है, वह यह है कि कोविड के मरीज की सूंघने और टेस्ट पहचानने की क्षमता कम हो जाती है या खत्म हो जाती है। यानी वैसे तो पेशंट सामान्य नजर आ रहा होगा लेकिन उसके साथ इस तरह की चीजें हो रही होंगी।

Apocalyptic Virus: अगर ये वायरस आया तो मिटा देगा आधी दुनिया!

क्यों कही WHO ने यह बात?

– इटली के लोंबार्डी स्थित सैन रैफेल हॉस्पिटल में इंटेंसिव केयर के हेड प्रोफेसर अलबेर्तो जैंग्रिलो ने हाल ही एक टीवी चैनल से की कई बातचीत में कहा था कि कोरोना वायरस का जो नया रूप है वह बहुत लंबे समय तक सर्वाइव नहीं कर पा रहा है। वायरस और होस्ट के बीच इंटरेक्शन में बदलाव हो रहा है।

NBT

हेल्थ एक्सपर्ट्स कर रहे हैं लगातार जांच

-इस बारे में डब्लू एच ओ की तरफ से कहा गया है कि हमें फिलहाल इस तरह के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिसके आधार पर डॉक्टर जैंग्रिलो की बात को सही साबित किया जा सके। या फिर इस बात को माना जा सके कि कोरोना वायरस हमारे जेनेटिक पर असर डाल रहा है। या इसका प्रभाव कम हो गया है।

कोरोना के मरीजों में दिख रहे हैं हार्ट अटैक जैसे लक्षण

-WHO का कहना है कि पूरी दुनिया में या फिर सिर्फ इटली की ही बात करें तो कोविड-19 के नए पेशंट्स में ना तो कोरोना वायरस का प्रभाव कम देखने को मिल रहा है और ना ही मरीजों की स्थिति गंभीर से सामान्य बनी है।

NBT

कोरोना की ताजा जानकारी

क्या कहते हैं अन्य सायंटिस्ट्स?

-कोविड 19 में हो रहे म्यूटेशन को लेकर एक अन्य सायंटिस्ट मार्टिन हेबर्ड का कहना है कि यह बात सही है कि सार्स कोविड-19 वायरस में लगातार म्यूटेशन देखने को मिल रहा है। यह वायरस तेजी से अपने स्वरूप और बीमारी फैलाने के लक्षणों में बदलाव कर रहा है। लेकिन इस आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि यह वायरस पहले की तुलना में कमजोर पड़ रहा है।

Coronavirus: सेनिटाइजर उपयोग करने का सही तरीका, लापरवाही से लग सकती है आग


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here