जबकि हालही हुए एक शोध में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस संभावना का सिरे से नकार दिया है कि सामान्य कोल्ड होने पर कोविड-19 होने का खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है! इस बारे में इन शोधकर्ताओं ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामने रखते हुए कहा है कि कोरोना वायरस पहले से हमारे शरीर में मौजूद हैं। बदलते मौसम में होनेवाला कोल्ड और फ्लू जैसी समस्याएं हमें कोरोना वायरस के कारण ही होती है।
सामान्य सर्दी जुकाम और कोरोना वायरस का संक्रमण
लेकिन कोविड-19 इस कोरोना वायरस का अपग्रेड वर्जन है। यानी म्यूटेशन (बायॉलजिकल बदलाव) के बाद कोरोना वायरस में हुए परिवर्तन से तैयार कोरोना का नया रूप। लेकिन कोविड-19 का आधार तो कोरोना वायरस ही है। इसलिए जब किसी व्यक्ति को सामान्यतौर पर होनेवाला सर्दी-जुकाम होता है तो उस दौरान उसके शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ ऐंटिबॉडीज तैयार होने लगती हैं।
-इस स्थिति में व्यक्ति के कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आने की आशंका नहीं बढ़ती बल्कि इस वायरस से बचाव की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि शरीर में कोरोना के खिलाफ पहले से ही ऐंटिबॉडीज मौजूद रहती हैं।
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आप इस तरह समझें पूरी प्रक्रिया
-कोविड-19 की जो स्ट्रेन है, वह सामान्य सर्दी-जुकाम करनेवाले कोरोना वायरस से ही बनी है। इस कोरोना वायरस में बदलाव के बाद कुछ नई चीजें देखने को मिल रही हैं, जैसे कोविड-19 के स्पाइक्स। यानी कांटे की तरह निकली हुई छड़ें, जिनसे कोरोना हमारे शरीर की सेल्स को जकड़ लेता है।
कोविड-19 और सामान्य सर्दी-जुकाम
-ये स्पाइक्स एक खास तरह के प्रोटीन से बनी हैं, जिन्हें पहचानना हमारे शरीर की ऐंटिबॉडीज के लिए मुश्किल हो रहा है और कोविड-19 हमारे शरीर को बीमार बना रहा है। जबकि कोविड-19 फैलानेवाले कोरोना वायरस का बाकी हिस्सा और सतह तो उसी तरह के प्रोटीन से बनी हैं, जिनसे सामान्य सर्दी-जुकाम करनेवाला कोरोना वायरस बना है।
-इस कारण जब कोई व्यक्ति सर्दी-जुकाम से ग्रसित होता है तो उसके शरीर में कोरोना वायरस के उन प्रोटीन सेल्स को मारने के लिए तो पहले से ऐंटिबॉडीज होती हैं। ये ऐंटिबॉडीज कोविड-19 वायरस की चपेट में आने पर उस वायरस को कमजोर करने का काम करती हैं। इससे कोविड-19 शरीर को उतना नुकसान नहीं पहुंचा पाता है, जितना कि पहुंचा सकता है। इस तरह सामान्य सर्दी-जुकाम इस समय पर हमारे लिए डर की वजह नहीं होना चाहिए। बस हम अपनी सेहत का ध्यान रखें।
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किसने किया शोध?
यह रिसर्च 4 अगस्त को जर्नल साइन्स में प्रकाशित हुई है। इस शोध को लीड करनेवाले डेनिला विस्कोफ, ला जोला इंस्टीट्यूट, कैलिफोर्निया में इम्यूनोलॉजी के लिए सहायक प्रोफेसर हैं। प्रोफेसर डेनिला उस खास रिसर्च में भी सहायक- प्रमुख लेखक रहे हैं, जिस शोध में यह बात सामने आई है कि हमारे शरीर की टी-सेल्स सामान्य सर्दी-जुकाम के खिलाफ किस तरह काम करती हैं।
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