corona virus updates in india: Coronavirus infection and its present condition in India

आज के समय में किसी तकनीक या क्षमता के विकसित करने की बात हो या मेडिकल फील्ड की किसी बड़ी रिसर्च से संबंधित कोई स्थिति, हमारे देश के प्रति लोगों का भरोसा और उम्मीद दोनों में ही काफी बढ़ोतरी हुई है। कोरोना संक्रमण के दौर में यदि वर्तमान स्थिति पर फोकस किया जाए तो हमारा देश दो चीजों में बहुत स्पीड के साथ बढ़ रहा है…

किन दिशाओं में बढ़ रहा है देश?

-हमारा देश जिन दो दिशाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है उनमें कोरोना वैक्सीन का उत्पादन और कोरोना के बढ़ते मामले दोनों ही शामिल हैं।

-अभी तक भारत में अपने देश में तैयार हो रही कोरोना वैक्सीन और अमेरिका की कंपनी मडर्ना के साथ टाइअप के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन के उत्पादन की दिशा में काम किया जा रहा है।

-वहीं अब रूस द्वारा तैयार की गई स्पूतनिक-V वैक्सीन का उत्पादन भी भारत में होने की संभावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यदि ऐसा होता है तो हम कह सकते हैं कि भारत दुनिया का पहला ऐसा देश होगा, जहां इतनी बड़ी मात्रा में किसी एक रोग की वैक्सीन का उत्पादन किया जाएगा।

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हमारे देश में निर्मित होनेवाली कोरोन वैक्सीन का नाम और इन्हें बनानेवाले इंस्टीट्यूट्स के ना इस प्रकार हैं- स्‍वदेशी वैक्‍सीन SARS-CoV-2 के एक स्‍ट्रेन से ही तैयार की गई है, जिसे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नैशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वायॉरलजी (NIV) ने आइसोलेट किया था।

-भारत में तैयार हो रही इस कोरोना वैक्सीन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और हैदराबाद की Bharat Biotech International Ltd (BBIL) ने मिलकर तैयार किया है। इसका नाम BBV152 Covid Vaccine रखा गया है।

क्या कोरोना का पीक आ गया है?
-हमारे देश में कोरोना से संक्रमण के नए मामलों का हर दिन एक अलग रेकॉर्ड बन रहा है। ऐसा कई बार हो चुका है जब देश में 24 घंटे के अंदर 50 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित नए मरीज सामने आए हैं। इस स्थिति को देखते हुए लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या हमारे देश में कोरोना संक्रमण का पीक टाइम चल रहा है?

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भारत में कोरोना संक्रमण और वैक्सीन का ताजा हाल

-इस बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि भारत में भले ही एक दिन में कभी 50 तो कभी 60 हजार कोरोना संक्रमण के ताजा मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन हमारे देश में यह स्थिति अभी कोरोना का पीक पर पहुंचना नहीं है।

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-वहीं, कुछ दिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि यदि पूरी दुनिया में युवाओं के बीच इसी तरह कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते रहे तो दुनिया में कोरोना संक्रमण के फैलने की दूसरी लहर के आने से कोई नहीं रोक पाएगा।

-WHO के अनुसार, पिछले 4 महीनों में दुनियाभर में युवाओं के बीच कोरोना संक्रमण के नए मामले तीन गुना तक बढ़े हैं। इस बढ़ते संक्रमण के लिए खुद युवाओं द्वारा बरती जा रही लापरवाही जिम्मेदार है। क्योंकि ये मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, जैसे जरूरी बचाव कार्यों को हल्के में ले रहे हैं।

-इसलिए बेहतर होगा कि दुनियाभर के साथ ही भारत के युवा अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्हें यह समझना होगा कि भले ही आज कोरोना का संक्रमण होने पर उनका शरीर इस वायरस को हराने की क्षमता रखता है। लेकिन यह वायरस शरीर के अंदर खत्म होते-होते भी कई रोग पैदा करके जाता है, जिनका बुरा असर आपको पूरे जीवन झेलना पड़ सकता है। इनमें किडनी के रोग, हार्ट की दिक्कत और लिवर से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।

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