Coronavirus latest news: Mental Health and Coping During Covid-19: कोरोना से संक्रमित होने के बाद ज्यादा तनाव लेने से बढ़ जाता है मौत का खतरा, स्टडी में खुलासा – here is the report how stress can increase the chances of death in covid patient and know about mental health and coping during covid 19

Edited By Somendra Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में बड़ी तेजी से फैल रहा है। अब तक 4:30 लाख से भी ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जबकि ढाई लाख से भी ज्यादा लोगों को ठीक किया जा चुका है। लेकिन 14,000 लोगों की मौत भी हुई है। मौत से जुड़े हुए आंकड़ों को देखा जाए तो इनमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें पहले ही किसी प्रकार की बीमारी थी जैसे कि डायबिटीज या थायराइड। इन बीमारियों की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है और व्यक्ति को बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके साथ-साथ कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज ज्यादा तनाव भी लेते हैं और इससे मौत का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।

हाल ही में की गई एक रिसर्च के अनुसार, यह दावा किया गया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को ज्यादा तनाव लेने से बचना चाहिए, नहीं तो यह मौत का कारण भी बन सकता है। आइए इसके बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

तनाव लेने से क्यों बढ़ जाता है मौत का खतरा

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तनाव लेने के कारण इंसान को कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण व्यक्ति का दिमाग तरह-तरह की बातों को सोचता है और इसी कारण उसे लंबे समय तक स्ट्रेस की भी समस्या हो जाती है।

द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित हुए एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि तनाव लेने वाले लोगों में कोरोना वायरस के कारण मौत का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। दरअसल, तनाव संबंधित एक हार्मोन का स्तर बढ़ने के कारण यह खतरा उत्पन्न होता है। इस हार्मोन का नाम बताने के साथ साथ आपको यह भी बताया जाए कि कैसे यह मौत का कारण बन सकता है।

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कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है

तनाव की स्थिति बढ़ने की मुख्य वजह एक विशेष प्रकार के हार्मोन को माना जाता है, जिसमें बढ़ोत्तरी हो जाती है। इस हार्मोन का नाम कार्टिसोल है। शोधकर्ताओं ने इस बारे में भी जानकारी दी है कि एक स्वस्थ आदमी के शरीर में कार्टिसोल हार्मोन का स्तर 100- 200 NM/L होता है। इस हार्मोन की खास बात यह है कि सोते समय इसकी स्थिति शून्य हो जाती है जबकि तनाव की स्थिति में इसका स्तर कई गुना तक बढ़ जाता है।

इस शोध में यह देखा गया कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को सामान्य रूप से कहीं ज्यादा तनाव होता है। ऐसे में यदि तनाव का स्तर अधिक बढ़ा तो इसका सीधा प्रभाव कॉर्टिसोल हार्मोन में बढ़ोत्तरी कर सकता है। इसलिए मौत के खतरे से बचे रहने के लिए जरूरी है कि तनाव बिल्कुल भी ना लें।

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज जो अपना इलाज करवा रहे हैं, उन्हें एहतियात के तौर पर किसी मनोरंजन के साधन का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि वह संक्रमित होने के बाद बिल्कुल भी ना घबराएं और जल्द से जल्द रिकवरी की उम्मीद करते हुए सभी टिप्स को सावधानी से फॉलो करें। अपने दिमाग को खुश रखने के लिए अलग-अलग चीजों का सहारा लेना चाहिए ताकि तनाव को कंट्रोल करने में मदद मिल सके।

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