Coronavirus vaccine Myths: कोविड वैक्सीन को लेकर इंटरनेट पर उड़ रहीं हैं ये 9 अफवाहें, जानिए क्या है सच और झूठ – 9 common myths which you should stop believing about covid 19 vaccines trending on internet

कोरोना वायरस के घर पर इलाज को लेकर इन सोशल मीडिया (Social Media) पर तमाम तरह के पोस्ट वायरल हो रहे हैं। इसी बीच अब कोविड वैक्सीन पर भी तमाम मिथ इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहे हैं। इस तरह के मिथ को पढ़कर कई लोग भ्रमित भी हो रहे हैं और वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं। हालांकि, WHO ने इस वाट्सअप और ट्विटर पर शेयर किए जा रहे भ्रामक मिथकों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और लोगों से वैक्सीन का डोज लेने को कहा है।

घातक है दूसरी लहर का संक्रमण

जानकारों के अनुसार, वैक्सीन के डोज से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है लेकिन इसके बाद भी आप संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, आप वायरस के गंभीर लक्षणों का शिकार नहीं होंगे। साथ ही वायरस के नए-नए म्यूटेशन पहले से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं लिहाजा आपको सावधान रहने की जरूरत है।

जरूरी है वैक्सीन का दूसरा डोज

डॉक्टर्स के अनुसार, वैक्सीन आपकी इम्यूनिटी को एक हेल्दी लेवल प्रोवाइड करती है जो वायरस से फाइट करने में मददगार है। वहीं ‘हर्ड इम्यूनिटी (Herd immunity) हासिल करने के लिए भारत की 70% आबादी में एंटी-बॉडीज विकसित करने की जरूरत है। ऐसे में एंटीबॉडीज को या तो वैक्सीनेशन के जरिए डवलप होती हैं या फिर इनफेक्शन के माध्यम से। इसलिए बिना देर किए दिए वैक्सीन का दूसरा डोज लेना चाहिए।

वैक्सीन का पीरियड से कोई लेना-देना नहीं

इस वायरल मिथ पर सरकार की ओर से पीआईबी ने कहा है कि यह मेसेज पूरी तरह फेक है। कृपया इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैक्सीन का पीरियड से कोई लेना नहीं है।

संक्रमण के खतरे से बचाती है वैक्सीन

वैक्सीन हमारे अंदर एसिंप्टोमेटिक करियर का काम नहीं करती है। ये सिर्फ हमारे अंदर एंटीबॉडीज का निर्माण करती है जिसके चलते भविष्य में आप पर खतरनाक संक्रमण का असर नहीं होता है।

वैक्सीनेट होने के बाद भी जरूरी है मास्क

एक्सपर्ट् के अनुसार, वैक्सीन लगवाने का भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। क्योंकि हो सकता है वैक्सीनेट होने के बाद आपका इम्यून सिस्टम मजबूत रहे और आप पर वायरस का असर न हो लेकिन अगर सामने वाले का टीकाकरण नहीं हुआ तो उसके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

इन महिलाओं के वैक्सीनेशन पर अलग-अलग मत

भारत सरकार ने गर्भवती और ब्रेस्‍टफीडिंग करवाने वाली महिलाओं के लिए वैक्सीन लगवाने की अनुमति नहीं दी है। हालांकिस अभी तक ऐसी अवस्था वाली महिलाओं पर वैक्‍सीन से इम्‍यून होने का कोई वैज्ञानिक डाटा उपलब्‍ध नहीं है।

वहीं कुछ गायनेकोलॉजिस्ट गर्भवती और स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना ठीक बता रहे हैं। उनकी राय है कि इस अवस्था में महिलाओं का इम्यून कमजोर होता है और उन्हें वैक्सीन फायदेमंद होगी।

धूम्रपान करने वालों के लिए जरूरी है टीकाकरण

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के अनुसार, जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें कोरोनोवायरस संक्रमण (Coronavirus infection) होने का खतरा अधिक होता है और इस प्रकार उनके लिए जल्द से जल्द टीकाकरण (Vaccinated) कराना आवश्यक है।

इतना ही नहीं, धूम्रपान से फेफड़ों की कार्यक्षमता (lung capacity) कम हो जाती है और कई अन्य सांस की बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई रिपोर्टों में पाया गया है कि सिगरेट पीने वालों को COVID-19 के गंभीर लक्षण होने का ज्यादा खतरा होता है।

रिकवरी के बाद भी जरूरी है डोज

तमाम लोगों सोचते हैं कि कोविड रिकवरी के बाद उन्हें डोज लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके अंदर एंटीबॉडीज का निर्माण हो चुका है। लेकिन WHO के अनुसार, वैक्सीन सभी को लेना अनिवार्य है।

पहले से हेल्थ प्रोबलम्स से परेशान लोग जल्दी लगवाएं वैक्सीन

जिन लोगों को पहले से ही बीमारियां हैं उन्हें लगता है कहीं वैक्सीन का डोज उनके लिए खतरा साबित न हो जाए लेकिन असल में ऐसा नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसे लोगों को जल्दी वैक्सीन लगवानी चाहिए, क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।

घर पर रहना ही है वायरस से बचने का तरीका

डॉक्टर सभी को घर पर रहने की सलाह दे रहे हैं। जानलेवा संक्रमण से बचने की यही एक तरीका है कि आप घर पर रहें, बिना वजह बाहर न निकलें।


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here