COVID-19: jamaat will offer prayers in mosque during Ramadan in pakistan | पाकिस्तान के लिए आत्मघाती हो सकता है ये कदम? रमजान में मस्जिद में नमाज पढ़ेगी जमात

इस्लामाबाद: पाकिस्‍तान (Pakistan) में शनिवार को एक बयान में कहा गया है कि मस्जिदों में होने वाली नमाजों पर प्रतिबंध हटा दिया है, लेकिन देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षा बरतना जारी रहेगा. पाकिस्तान में एक महीने से भी कम समय पहले मस्जिदों में जमात के साथ नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगाया गया था. मस्जिदों में केवल तीन से पांच लोगों को ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी.

प्रतिबंधों को हटाने का यह निर्णय, पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और धार्मिक नेताओं के बीच हुई एक बैठक में लिया गया है. यह फैसला रमजान के पवित्र महीने से महज एक सप्ताह पहले हुआ है. आम तौर पर इस महीने में मस्‍जिद में नमाजियों की संख्‍या बढ़ जाती है.

इस बैठक के बाद एक बयान में कहा गया, “मस्जिदों को उचित सावधानी बरतने को कहा गया है. मस्जिद में आने वाले लोगों को अब मास्‍क पहनना अनिवार्य है.”

ये भी पढ़ें- यहां पुलिस की वर्दी पहनकर आया शूटर, 13 लोगों को गोलियों से भून डाला

बता दें कि पाकिस्तान में अब तक इस कोरोना वायरस के 7,638 मामले दर्ज किए गए हैं और यहां 143 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 20 करोड़ से अधिक की आबादी वाले देश में स्वास्थ्य सेवा का ढांचा सीमित है, ऐसे में लोगों का इकट्ठा होना यहां के लिए सबसे बड़ा खतरा है.

बयान के अनुसार यह भी तय किया गया है कि नमाज पढ़ने बैठे लोग कंधे-से-कंधा मिलाकर प्रार्थना नहीं करेंगे. इसके बजाय एक दूसरे से 6 फुट (2-मीटर) की दूरी बनाकर नमाज पढ़नी होगी और मस्जिद प्रशासन को नियमित रूप से परिसर को सैनिटाइज करना होगा.

सरकार पर नमाज के प्रतिबंधों को हटाने के लिए दबाव डाला गया था. बल्कि देश के सबसे बड़े शहर कराची में मस्जिद में उपस्थित लोगों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई थीं.

ये भी पढ़ें- दुनियाभर में पिछले 24 घंटे के दौरान आए COVID-19 के 81,000 से ज्यादा नए मामले, मचा हाहाकार

इस सप्ताह के शुरू में प्रसिद्ध मौलवियों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने की धमकी देते हुए कहा था कि नमाज पढ़ना मुसलमानों के लिए आवश्यक है.

हालांकि सरकार ने प्रतिबंधों को हटा दिया है लेकिन बयान में चेतावनी दी गई है कि दिशानिर्देशों का उल्लंघन होने पर इस मामले की समीक्षा करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित है.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को ही लॉकडाउन का 14 दिनों के लिए बढ़ाने की घोषणा की है. हालांकि आर्थिक झटके का मुकाबला करने के लिए आवश्यक उद्योगों पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है क्‍योंकि आईएमएफ और विश्व बैंक ने लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था के धूमिल होने की बात कही थी.

खान ने शनिवार को एक टेलीविजन ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान मई के मध्य में वायरस के प्रसार का पीक देख सकता है.

LIVE TV




Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here