Covid-19 Pandemic: BJP MLA Nitesh Rane Tweets Another Video of Dead Body Bag Lying Next to Patients – मुंबई के अस्‍पताल के वार्ड का वीडियो वायरल जिसमें बेड पर रखा दिखा शव, मामले की हो रही जांच..

मुंबई के अस्‍पताल के वार्ड का वीडियो वायरल जिसमें बेड पर रखा दिखा शव, मामले की हो रही जांच..

बीजेपी विधायक नीतेश राणे ये वीडियो ट्वीट किया है

मुंंबई:

Covid-19 Pandemic: कोरोना वायरस की महामारी के बीच  सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो इन दिनों वायरल है जिसमें मुंबई के एक अस्पताल के वार्ड में एक बिस्तर पर एक शव को रखा दिखाया गया है. इस वीडियो के मामले में जांच की जांच रही है. इस मामले में बृहन्‍नमुंबई म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) ने सोमवार सुबह एक ट्वीट किया, ”घटना को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है.” भाजपा विधायक नीतेश राणे ने रविवार को इस क्लिप को ट्वीट करते हुए अस्‍पताल का संचालन करने वाले नगरीय निकाय को आड़े हाथ लिया था. राजवाड़ी अस्पताल के इस वीडिया क्लिप में एक वार्ड में एक बिस्तर पर शव को देखा जा सकता है, इस बेड के बगल में एक मरीज को मॉस्क पहनकर बैठे हुए देखा  जा सकता है.” बीजेपी के नीतेश राणे ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘यह राजावड़ी अस्पताल से है! वास्तव में क्या बदल गया है या हमें पूरी तरह से उम्मीद खोनी चाहिए !!.”

यह भी पढ़ें

रविवार को इस वीडियो क्लिप को पोस्ट करने के बाद से इसे 3,800 बार शेयर किया गया. ट्विटर पर लोगों ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया जताई. आज सुबह, बीएमसी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा: “बीएमसी राजवड़ी अस्पताल में हुई घटना को बहुत गंभीरता से ले रही है. वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है. प्रशासन ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी ऐहतियात बरत रहा है. हम सभी को उचित स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए कठिन प्रयास कर रहे हैं.’ 

एक अन्य ट्वीट में BMC ने कहा, “GoM के दिशानिर्देशों के अनुसार, मृतक के शव को मृत्यु के 30 मिनट बाद परिजनों को सौंप दिया जाना चाहिए, जिसके लिए दस्तावेज और औपचारिकताएं थोड़ी देरी का कारण बन सकती हैं. हालांकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को सही नहीं ठहराया जा सकता. हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इसे दोहराया न जाए.”इस बीच, महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स के जनरल सेक्रेटरी दीपक मुन्धे ने भी एक बयान जारी किया है जिसमें नीतीश राणे हाथ लिया गया है. उन्‍होंने इस बयान में कहा, “ऐसे दिन आ रहे हैं जब डॉक्टर असहाय हो जाएंगे. वे युवा और बुजुर्गों और पुराने लोगों को बचाने के लिए वरीयता तय करने लगेंगे. शवगृह (मॉर्चरी) भरे हुए हैं, कागजी कार्रवाई के लिए कुछ समय की जरूरत होती है. यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ ‘बड़ी लड़ाई’ लड़ रहा है. भारत में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले महाराष्‍ट्र राज्‍य से ही हैं. महानगर मुंबई में भी इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है.

VIDEO: Red Zone में कुछ इस तरह से आगे बढ़ रही है जिंदगी​


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here