Covid-19 study: patients without symptoms are more at risk of spreading the infection | Covid-19 study: बिना लक्षण वाले कोरोना रोगियों से इन लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा ज्‍यादा

नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैलने को लेकर एक नया अध्ययन सामने आया है. इसमें दावा किया गया है कि इस वायरस से उन लोगों के संक्रमित होने की संभावना अधिक है, जो उस रोगी के घर में साथ रहते हैं बजाय कि उन लोगों में जो रोगी के साथ नहीं रहते हैं. 

चीन (China) और अमेरिका (US) में स्थित शोधकर्ताओं ने चीन के गुआंगझोउ शहर में 350 कोविड-19 रोगियों और उनके करीबी संपर्क में रहने वाले 2000 लोगों में ” सेकंडरी अटैक रेट” (secondary attack rate) का मूल्‍यांकन किया कि रोगी के दूसरों को बीमारी पहुंचाने की संभावना क्‍या है. 

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अध्ययन में पाया गया कि मरीज के साथ रहने वालों में संक्रमण की संभावना 17.1 प्रतिशत है जबकि साथ न रहने वालों को संक्रमण ट्रांसमीट करने की संभावना  2.4 प्रतिशत थी. 

अध्ययन के परिणामों ने यह भी बताया कि घरेलू संक्रमण की संभावना उन लोगों में सबसे अधिक थी जिनकी उम्र 60 से ज्‍यादा और उनमें सबसे कम थी जिनकी उम्र 20 साल से कम थी. 

COVID-19 से एक परिजन या लिव-इन पार्टनर को संक्रमित करने की संभावना SARS की तुलना में दोगुनी है और MERS की तुलना में तीन गुना अधिक है.

हैरानी की बात यह है कि शोध में यह भी पता चला है कि ऐसे लोग जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं हैं, उनमें अपने साथ रह रहे लोगों में संक्रमण फैलाने की संभावना लक्षण वाले रोगियों की तुलना में 39 फीसदी ज्‍यादा है. 

गुआंगझोउ सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के किन-लॉन्‍ग जिंग ने कहा, “हालांकि, केस के आइसोलेशन का प्रभाव मध्यम लगता है. इंक्‍यूबेशन अवधि के दौरान वायरस की उच्च संक्रामकता से पता चलता है कि बिना लक्षण वाले रोगी का क्‍वारंटीन में रहना उसके संक्रमण को आगे बढ़ने से रोकता है.” 

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि महामारी जिस तरह बढ़ रही है, ऐसे हालात में उनके निष्कर्ष संक्रमण को कम करने में मदद कर सकते हैं. 




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