Covishield V/S Covaxin Vaccine: Coronavirus vaccination: किन्हें लगवानी चाहिए कोविशील्ड और किसके लिए बेहतर है कोवैक्सीन, जानें डॉक्टर की राय – who should get covishield or avoid covaxin know doctor advice

कोरोना वायरस की दूसरी लहर को खत्म करने के लिए भारत में 18+ नागरिकों के लिए टीकाकरण अभियान जोरों से जारी है। सरकार की ओर से महामारी के प्रसार को रोकने के लिए यह एक बड़ा कदम है। बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन सेंटर्स पर दिख रहे हैं। हर रोज लाखों लोग वैक्सीन का डोज लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं लेकिन स्लॉट खाली नहीं मिल रहे हैं।

ऐसे में जहां एक ओर वैक्सीन की शॉर्टेज की खबरें हैं, तो वहीं दूसरी ओर कई लोगों के जेहन में एक सवाल कचोट रहा है कि जब भी उन्हें डोज लेने का मौका मिले तो वे कौन-से टीके का चुनाव करें कोविशील्ड या कोवैक्सीन।
(फोटो साभार: istock by getty images)

​WHO के मानकों पर खरी उतरी हैं कोविशील्ड और कोवैक्सीन

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टीकाकरण में देरी का एक कारण ये भी है कि कुछ लोग खुद से एक वैक्सीन को दूसरे से बेहतर बता रहे हैं। ऐसे में जब तक उन्हें अपनी पसंद की वैक्सीन का स्लॉट नहीं मिल जाता तब तक वे रजिस्ट्रेशन ही नहीं करते हैं।

भारत बायोटेक के कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड (जिसे विश्व स्तर पर ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका या वैक्सजेवरिया के नाम से भी जाना जाता है) का निर्माण किया है।

देश के हर कोने में ये दोनों टीके लगाए जा रहे हैं। कोविशील्ड और कोवैक्सीन WHO मानकों पर खरी उतरी हैं और दोनों कोविड से बचाव में कारगर हैं। कोविशील्ड और कोवैक्सिन को पारंपरिक तरीके से बनाया गया है।

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​डॉक्टर ने दिया वैक्सीन के डोज पर जोर

देश में जब लोगों के पास 2 वैक्सीन को चयन करने का ऑप्शन है तो उन्हें किसका डोज लेना चाहिए? हमारे सहयोगी Times of india ने अपने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान मेदांता मेडिसिटी की हेड, इंटरनल मेडिसिन डॉ. सुशीला कटारिया से यह सवाल किया, जिस पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

डॉ. कटारिया ने कहा कि लोगों को टीका लगवाने में संदेह नहीं करना चाहिए। ड़ॉ. का कहना है कि फिलहाल टीके के ब्रांड के चुनाव करने का वक्त नहीं है, बल्कि अभी टीकाकरण को प्रायोरिटी देनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि 18-45 के बीच के लोगों को भी टीके के लिए साइन अप करने से पहले अपने स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखना चाहिए।

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वैक्सीन के चुनाव पर डॉक्टर की सलाह

​इन लोगों को दी जाती है कोवैक्सीन नहीं लेने की सलाह

हालांकि, डॉक्टर ने इस बात के बारे में जानकारी दी है कि किन्हें कोविशील्ड लेनी चाहिए और किन्हें कोवैक्सीन। डॉक्टर का कहना है कि वृद्ध लोग जो खून को पतला करने वाली दवाओं (Blood-thinning medications) का सेवन कर रहे हैं उन्हें Covaxin नहीं लेने की सलाह दी जाती है।

डॉ. की मानें तो कोविशील्ड जैब मुख्य रूप से वृद्ध लोगों या गंभीर कॉमरेडिटी वाले लोगों को दिया जाता है। इनके अलावा कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन्हें कोई एलर्जी हो, बुखार हो, इम्यून सिस्टम से जुड़ी दवाई ले रहे हों, उन्हें भी कोवैक्सीन नहीं लेने को कहा जाता है।

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​युवाओं के लिए सही है कोवैक्सीन का विकल्प

डॉ. कटारिया ने चेतावनी दी है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका जैब (Oxford-Astrazeneca jab) का चयन करने वाले युवाओं में कोवैक्सीन की तुलना में अधिक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं। कई रिपोर्ट्स के जरिए खुलासा हुआ है कि कोविशील्ड अधिक इम्यूनोजेनिक प्रतिक्रिया (immunogenic response) दिखाती है और इसीलिए इससे ज्यादा साइड इफेक्ट्स होते हैं। लिहाजा युवाओं को कोवैक्सीन लगवानी चाहिए।

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​कमजोर इम्यून सिस्टम वाले न लगवाएं कोवैक्सीन

वैक्सीन के लाभों के बारे में बात करते हुए, डॉ. कटारिया ने यह भी कहा कि कोविशिल्ड का डोज कोवाक्सिन की तुलना में शरीर के अंदर अधिक एंटीबॉडीज बनाता है। इसलिए जिनका इम्यून सिस्टम ज्यादा कमजोर है उन्हें कोविशील्ड का टीका लगवाने पर जोर देना चाहिए बजाए कोवैक्सीन के।

​कोविड को रोकने में दोनों वैक्सीन हैं प्रभावी

याद रखें कि अभी हमारे पास जो दोनों टीके हैं, वे समान रूप से प्रभावी हैं। भले ही वे COVID संक्रमण को पूरी तरह से रोक नहीं पाते हैं, लेकिन कोविशील्ड और कोवैक्सिन दोनों को संक्रमण से जुड़े गंभीरता और मृत्यु दर के जोखिम को कम करने के लिए जाना जाता है। इसीलिए फिलहाल हमें अपनी पसंद की वैक्सीन के चयन की बजाए डोज लेने को प्राथमिकता देनी चाहिए। अभी आपको जो टीका भी मिले उसे लगवाएं न कि आनाकानी करें।

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