पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से भी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. पराली का योगदान 32 फीसदी रहा है. इसके साथ ही हवा की गति मंद होने के कारण स्थिति ज्यादा खराब रही है क्योंकि ऐसी स्थिति में प्रदूषण कण जमा हो जाते हैं.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचा, घने स्मॉग से दूर तक देखना भी मुश्किल
दीवाली की रात दिल्ली के आनंद विहार इलाके में वायु गुणवत्ता (Air Quality Index) PM 2.5 का स्तर 481 रहा, जबकि अशोक विहार में 491. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 प्रदूषक के लिए वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शनिवार की रात 11 बजे IGI हवाई अड्डे के क्षेत्र में 444, ITO में 457 और लोधी रोड क्षेत्र में 414 रिकॉर्ड की गई जो सभी ” गंभीर ” श्रेणी में आते हैं. दिल्ली के अधिकांश इलाकों में पीएम 2.5 के स्तर 400 से ऊपर रहा.
Delhi: Air quality deteriorates in the national capital; visuals from ITO area where Air Quality Index (AQI) stands at 461, according to Delhi Pollution Control Committee (DPCC) data. pic.twitter.com/uuCU790D5K
— ANI (@ANI) November 15, 2020
दिल्ली में रविवार की सुबह औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 468 रहा. 60 से ऊपर रहने पर हवा को खराब माना जाता है. बता दें कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री और चलाने पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था, बावजूद इसके चोरी-छिपे खूब पटाखे बिके और चलाए गए. इसकी वजह से दिल्ली में हवा जहरीली हो गई है.
कहां पीएम 2.5 स्तर कितना?
दिल्ली:
रोहिणी- 479
पंजाबी बाग- 471
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम- 469
पूसा रोड- 460
सिरिफोर्ट- 470
आरके पुरम- 475
वजीरपुर- 435
लोधी रोड- 453
अशोक विहार- 491
पटपड़गंज- 472
मुंडका- 465
उत्तर प्रदेश-
सेक्टर-1 नोएडा- 474
सेक्टर-125 नोएडा- 468
सेक्टर-62 नोएडा- 474
लोनी गाजियाबाद- 498
इंदिरापुरम- 475
वसुंधरा- 481
हरियाणा:
टेरी ग्राम, गुरुग्राम- 443
विकास सदन, गुरुग्राम- 437
सेक्टर-11, फरीदाबाद- 447
सेक्टर-30 फरीदाबाद- 410
न्यू इंडस्ट्रियल टाउन, फरीदाबाद- 457
वीडियो- दिल्ली में पाबंदियों के बावजूद दिवाली पर जमकर छूटे पटाखे

