वॉशिंगटन: 3 नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020 में जीत हासिल कर चुके जो बाइडेन (Joe Biden) की टीम डोनाल्ड ट्रंप पर डेमोक्रेट की जीत को मान्यता दिलाने के लिए कानूनी रास्ता इख्तियार करने की योजना बना रही है.
आमतौर पर जनरल सर्विस एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को उसी समय मान्यता दे देती है, जब यह स्पष्ट हो जाता है कि चुनाव कौन जीता है ताकि सत्ता का हस्तातंरण शुरू हो सके. लेकिन मान्यता मिलने में हो रही देरी के चलते बाइडेन की ट्रांजिशन टीम (Transition Team) ना तो लाखों डॉलर की फेडरल फंडिंग का इस्तेमाल कर पा रही है और ना ही खुफिया एजेंसियों और अन्य विभागों के अधिकारियों से मिल पा रही है.
इधर ट्रंप पीछे नहीं हट रहे
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) चुनाव में अपनी हार मानने को तैयार नहीं हैं. वे बिना किसी सबूत के बार-बार दावा कर रहे हैं कि मतदान में व्यापक तौर पर धोखाधड़ी हुई. उन्होंने नतीजों को चुनौती देने मुकदमे भी दाखिल किए हैं.
जीएसए को कब तक यह काम करना चाहिए इसे लेकर कानून में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन ट्रांजिशन अधिकारियों का कहना है कि जो बाइडेन की उनकी जीत स्पष्ट है और उन्हें मान्यता देने में देरी करना उचित नहीं है.
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विशेषज्ञ भी ले रहे बाइडेन का पक्ष
देश भर के चुनाव अधिकारियों का कहना है कि धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं है. वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों के सफल होने की कोई संभावना नहीं है.
ट्रांजिशन अधिकारी ने कहा कि जीएसए को अब तक राष्ट्रपति-चुने गए बाइडेन को मान्यता दे देनी चाहिए. साथ ही कहा कि मान्यता न मिलने पर टीम कानूनी कार्रवाई पर विचार करेगी. उन्होंने कहा, ‘कानूनी कार्रवाई करने की केवल संभावना है, क्योंकि और भी कई विकल्प हैं, जिन पर हम विचार कर रहे हैं.’
ट्रांजिशन टीम को वेतन, कंसल्टेंट्स और यात्रा के लिए फंड का उपयोग करने और वर्गीकृत जानकारी तक पहुंचने के लिए जाना जाता है.
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