Delhi Election Exit Poll: बिजली-पानी और विकास, दिल्ली को केजरीवाल पर ही विश्वास – Exit poll delhi votes for bijli paani shuns toxic politics

  • एग्जिट पोल में AAP की प्रचंड जीत
  • CAA, शाहीन बाग नहीं बन सके मुद्दा

राजधानी के गौरव की लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (BJP) हारती प्रतीत हो रही है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल ने दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रचंड जीत का अनुमान जताया है. हालिया इतिहास में इस दिल्ली विधानसभा चुनाव कैम्पेन को सबसे ज्यादा ज़हरीले बोलों वाले चुनाव प्रचार में से एक माना जाएगा.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार दिल्ली की सत्ता में वापसी करते दिख रहे हैं. एग्जिट पोल में उनकी पार्टी AAP को कुल 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 59 से 68 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है.

वहीं BJP और उसके सहयोगियों को 2 से 11 सीट मिलने का अनुमान है. कांग्रेस का खाता 2015 विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी खुलना संभव नहीं लगता.

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पांच साल पहले आम आदमी पार्टी ने 67 सीट पर जीत हासिल की थी. तब AAP को कुल 54% वोट शेयर मिला था, जो इस 2020 विधानसभा चुनाव में बढ़कर 56% होने का अनुमान है.

बीजेपी को 2015 विधानसभा चुनाव में 32% वोट शेयर मिला था जो इस विधानसभा चुनाव में बढ़कर 35%  हो सकता है. लेकिन बीजेपी को 2019 लोकसभा चुनाव के 57%  वोट शेयर की तुलना में इस विधानसभा चुनाव में 22% का घाटा होने का अनुमान है.

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विकास चुनावी मुद्दा

इंडिया टुडे – एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर राजधानी के आधे से ज्यादा वोटरों की पहली पसंद हैं. पोल में 54%  प्रतिभागियों ने केजरीवाल के नाम पर मुख्यमंत्री के लिए मुहर लगाई. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को 21%  प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री के तौर पर पसंद बताया.

केजरीवाल ने इस चुनाव में ‘काम को वोट’ का नारा दिया था. यही विकास का मुद्दा दिल्ली के लोगों के लिए मुद्दों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहा. 37%  प्रतिभागियों ने विकास को मुद्दा नंबर वन बताया. 17% प्रतिभागियों ने महंगाई और 14%  ने बेरोजगारी को सबसे अहम मुद्दा माना.

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वहीं बीजेपी ने इस चुनाव में जिन मुद्दों को जोरशोर से उठाया, एग्जिट पोल का डेटा बताता है कि दिल्ली के वोटरों ने उन्हें अधिक तरजीह नहीं दी. डेटा के मुताबिक सिर्फ 1% ने नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) और 1% ने जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने को अहम मुद्दा बताया.  

बीजेपी के राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को सिर्फ 6% प्रतिभागियों ने अहम मुद्दा माना. इसके अलावा एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी के लिए जिन्होंने वोट किया उन्होंने केंद्र सरकार के अच्छे प्रदर्शन (57%)  और मोदी फैक्टर (25%) की वजह से किया.

युवा, गरीब AAP के साथ

एग्जिट पोल के मुताबिक झुग्गी बस्ती वाले, रिक्शा वाले, टैक्सी चालक, सफाई कर्मचारी, मजदूर वर्ग के बीच 60 फीसदी से अधिक प्रतिभागी AAP का समर्थन करते दिखे.

एग्जिट पोल के आंकड़े कहते हैं कि दिल्ली के युवा, छात्र और पहली बार वोट देने वालों के बीच भी AAP और अरविंद केजरीवाल को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

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एग्जिट पोल में यह भी सामने आया कि दिल्ली में भारी सत्ता-समर्थक लहर देखने को मिली. केजरीवाल सरकार की कल्याण योजनाओं, जैसे सस्ती बिजली, डीटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और मोहल्ला क्लीनिक आदि के कारण लोगों ने AAP में भरोसा जताया है.

सीटों का विश्लेषण

एग्जिट पोल में पश्चिमी दिल्ली को लेकर अनुमान है कि आम आदमी पार्टी को यहां 9 से 10 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी को 0 से 1 और कांग्रेस को शून्य सीट मिलेंगी. एग्जिट पोल के नतीजों में इसी तरह का रुझान चांदनी चौक, पूर्वी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली में भी देखने को मिला है.

उत्तर पश्चिमी दिल्ली की 10 सीटों में से आप को 7 से 9 सीटें मिल सकती हैं. यह मुख्य रूप से जाट बहुल इलाका है. बीजेपी को यहां 1 से 3 सीटें मिल सकती हैं. एग्जिट पोल के आंकड़ों में ऐसा ही ट्रेंड उत्तर पूर्वी दिल्ली की 10 सीटों में भी देखने को मिला.

मेथेडोलॉजी

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के सीधे साक्षात्कार पर आधारित है. इसके लिए 14,011 मतदाताओं का सीधा इंटरव्यू करके उनके आंकड़े एकत्र किए गए और उसका विश्लेषण किया गया.

ज़हरीले बोलों वाला चुनाव प्रचार

दिल्ली के चुनाव प्रचार में उस समय कड़वाहट देखने को मिली थी जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने  एक चुनावी सभा में समर्थकों से ‘देश के गद्दारों को,गोली मारो …. को’ जैसे नारे लगवाए थे. इसी तरह पश्चिमी दिल्ली के बीजेपी सांसद परवेश वर्मा ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर अपनी टिप्पणी के जरिये विवाद खड़े किए. दोनों ही नेताओं पर चुनाव आयोग ने अस्थायी तौर पर प्रचार करने  पर प्रतिबंध भी लगाया था.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने संबोधन में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को झटका देने का आह्वान किया था. उन्होंने पिछले महीने कहा था, “जब आप 8 फरवरी को बटन (ईवीएम का) दबाएंगे, तो इतने गुस्से के साथ दबाएं कि इसका करंट (मतदान परिणाम) शाहीन बाग में महसूस किया जाए.”

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