रीवा में नशे को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आला अधिकारियों के साथ बैठक ली। जिसमे नशे को पूरी तरीके से कैसे खत्म किया जाए इस पर चर्चा की गई। पत्रकार वार्ता के माध्यम से पत्रकारों से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि, अभी तक नशे को लेकर क्या कार्यवाहियां की गई उसकी अधिकारियों से समीक्षा करने के बाद, बताया गया कि एक हजार से ज्यादा प्रकरण बने है और 16 सौ ज्यादा लोगों की एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से एक मिशन मोड में जो नशे के खिलाफ अभियान चला है उसमें बड़ी मात्रा में, 13 करोड़ से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त किए गए है। 10 करोड़ से ज्यादा कीमत के वाहन जो उपयोग में लाए गए उन्हें जब्त किया गया है। कहां कहां से संभावित इस प्रकार के अवैध पदार्थ बनाए जाते है, उन पर वहीं से रोक लगाया जाएगा।
सप्लाई चैन में कौन कौन शामिल है उसे ध्वस्त करना, और जो नशे की सप्लाई करते है उन पर कार्यवाही करना। उसके साथ ही नशामुक्ति केंद्र बनाए जाएंगे, और ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, और उन्हें नशामुक्ति केंद्र में ले जाकर उन्हें सुधारने के लिए, जो कार्यक्रम है उसे चलाएंगे। वहीं उन्होंने कल्पना मिश्रा मामले में डाक्टरों पर हुई कार्यवाही के विरोध में साथी डाक्टरों की नाराजगी को लेकर कहा कि, इस प्रकार की स्थिति नहीं बनेगी हम लोग बातचीत करके, डाक्टरों का हौसला भी कमजोर न हो, इसकी चिंता हम लोग करेंगे।
बाइट: राजेंद्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन


